आगरा में अधिकारियों से तंग आकर पूर्व कर्मचारी मांग रहा इच्छा मृत्यु, 70 साल की उम्र में व्हील चेयर पर काट रहा था चक्कर

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हरिकांत शर्मा/आगरा. अधिकारियों की कारगुजारी से तंग आकर एक 70 साल का बुजुर्ग इच्छा मृत्यु मांगने के लिए अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर लगा रहा है इतना बदनसीब है कि उसे इच्छा मृत्यु भी नसीब नहीं हो रही है. आगरा नगर निगम से सेवानिवृत्त 70 साल का बुजुर्ग कर्मचारी व्हीलचेयर पर बैठकर मृत्यु मांगने के लिए पहुंचा. बुजुर्ग का नाम सुरेंद्र सिंह है. वह मोतिया की बगीची वॉटर वर्क्सके रहने वाले हैं. 2013 में आगरा नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में सफाई कर्मचारी के पद से रिटायर हुए थे.

रिटायरमेंट के बाद उन्हें मेडिकल क्लेम मिलता था. जैसे-जैसे सुरेंद्र सिंह की उम्र बढ़ती गई उन्हें कई बीमारियों ने घेर लिया. डायबिटीज, ब्लड प्रेशर,दिल कीने उन्हें घेल लिया. बीमारियों का इलाज कराने अस्पतालों में चक्कर काटने पड़ रहे है. आगरा नगर निगम की तरफ से उन्हें मेडिकल क्लेम मिल रहा था .लेकिन कई महीनों से नगर निगम में कार्यरत लेखा अधिकारी उल्लास वर्मा ने उनकी फाइल पर बेवजह की आपत्ति दर्ज कर उनका मेडिकल क्लेम रोक लिया है. इसी से आहत होकर सुरेंद्र कुमार आज व्हीलचेयर पर बैठकर इच्छा मृत्यु मांगने के लिए आगरा नगर निगम पहुंचे .लेकिन वहां भी उन्हें बैरंग लौटना पड़ा क्योंकि मौके पर ना तो नगर आयुक्त मिले और ना ही अपर नगर आयुक्त.

70 साल के बुजुर्ग व्हील चेयर पर काट रहे बाबुओं के चक्कर

व्हीलचेयर पर बैठकर इच्छामृत्यु मांग में आए सुरेंद्र सिंह का कहना है कि अब अधिकारियों की कार्यप्रणाली से तंग आ चुके हैं. फरवरी 2023 में दो फाइल लेखा अधिकारी उल्लास वर्मा के अंडर में पड़ी हुई है. अभी तक उनका क्लेम नहीं मिला. हर महीने उनकी जांच रिपोर्ट ब्लड सैंपल और दवाइयों पर होने वाला खर्चा बढ़ता जा रहा है. इसी मेडिकल क्लेम पर वह जिंदा है. बीमारियों पर होने वाला खर्च के बिलों की सूची केस मेनू बनाकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से प्रमाणित कर आगरा नगर में जमा करा दिया है .लेकिन लेखा अधिकारी उन्हें दबाए बैठा है. अनावश्यक आपत्ति दर्ज कर उनका मेडिकल क्लेम रोक देते हैं.में अब तंग आ गए हूं. शारीरिक और मानसिक रूप सेपरेशान हो गया हूं अब मुझे सिर्फ इच्छा मृत्यु चाहिए.

नहीं मिली इच्छा मृत्यु बैरंग लौटना पड़ा

सुरेंद्र सिंह को इच्छा मृत्यु भी नसीब नहीं हुई. इच्छा मृत्यु की मांग को लेकर जब वह नगर निगम पहुंचे तो वहां लेटर लेने के लिए कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं था. ना तोनगर आयुक्त अपने दफ्तर में मिले औऱ ना ही अपर नगर आयुक्त. इसको लेकर सुरेंद्र सिंह मौके पर ही भावुक हो गए उन्होंने कहा कि अब मैं तंग आ गया हूं अब जीना नहीं चाहता हूं कोई भी अधिकारी मेरी सुन नहीं रहा है लेकिन मैं बार-बार चंदू की मांग को लेकर नगर निगम आता रहूंगा.

Tags: Crime News, Hindi news, Local18, UP news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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