
हाइलाइट्स
रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में बिकने वाली शराब में व्हिस्की अव्वल है.
राजस्थान, केरल, मध्य प्रदेश, यूपी समेत 12 राज्यों ने शराब की कीमत में बढ़ोतरी हुई.
यूपी और उत्तराखंड जैसे राज्यों में शराब की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई.
नई दिल्ली. शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है फिर भी पीने वाले इस चेतावनी को दरकिनार कर देते हैं. यही वजह है कि हर साल शराब की बिक्री में इजाफा देखने को मिलता है. इस बार भी वित्त वर्ष 2022-23 में भारत में बनी विदेशी शराब (IMFL) की बिक्री मात्रा के लिहाज से 14 प्रतिशत बढ़कर 38.5 करोड़ पेटी तक पहुंच गई. उद्योग संगठन CIABC के अनुसार, इस दौरान 1000 रुपये प्रति 750 मिली से अधिक कीमत वाली प्रीमियम सेगमेंट की शराब की बिक्री 48 प्रतिशत बढ़ी.
शराब की बिक्री का यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2019-20 में कोविड महामारी से पहले के स्तर की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत ज्यादा है. इससे पता चलता है कि उद्योग पर कोविड का असर पूरी तरह से खत्म हो गया है.
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चालू वित्त वर्ष में भी बिक्री बढ़ने की उम्मीद
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि चालू वित्त वर्ष में उद्योग में 8 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है. इसके साथ कुल बिक्री करीब 42 करोड़ पेटी तक पहुंच सकती है. एक पेटी में 9 लीटर शराब होती है. रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में बिकने वाली शराब में व्हिस्की अव्वल है और कुल बिक्री में इसकी 63 प्रतिशत हिस्सेदारी है. वहीं, इस रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि शराब उद्योग वित्त वर्ष 23-24 के अंत में लगभग 412-415 मिलियन तक पहुंचेगा और इसमें 7-8 प्रतिशत की वृद्धि होगी.
इन राज्यों ने बढ़ाए शराब के दाम
राजस्थान, केरल, मध्य प्रदेश, यूपी समेत करीब एक दर्जन राज्यों ने शराब की कीमत में बढ़ोतरी की है. इससे राज्यों की कमाई बढ़ाने में मदद मिली है, जबकि 500 रुपये से 1,000 रुपये के बीच की कीमत वाले खंडों की कुल बिक्री में 21 प्रतिशत और 1,000 रुपये से ऊपर (ज्यादातर आयातित) की बिक्री में 3 प्रतिशत का योगदान रहा.
बिक्री के मामले में दक्षिणी राज्य आगे
पहले की तरह, दक्षिण भारत 58 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बिक्री की मात्रा में सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना हुआ है, इसके बाद देश के पश्चिम और पूर्वी राज्य हैं, जिन्होंने समान रूप से 22 प्रतिशत का योगदान दिया है. उत्तर भारत ने कुल बिक्री में 16 प्रतिशत का योगदान दिया.
पंजाब में पिछले वर्ष की तुलना में 54 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है. हालाँकि, तेलंगाना (- प्रतिशत), यूपी (-1 प्रतिशत) और उत्तराखंड (-3 प्रतिशत) जैसे राज्यों में शराब की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई.
(भाषा से इनपुट के साथ)
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FIRST PUBLISHED : June 27, 2023, 22:25 IST






