इस अस्पताल में बेटियों के जन्म पर मनाया जाता है उत्सव, डॉक्टर साहब खुद देते है शगुन

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जगबीर घणघस/भिवानी. यूं तो हरियाणा की बेटियां किसी से कम नहीं. वो चाहे कल्पना चावला हो, रेसलर्स गीता बबीता फोगाट, मिस वर्ल्ड रह चुकी मानुषी छिल्लर सभी ने साबित कर दिखाया है कि छोरीयां छोरों से किसी भी बात में कम नहीं है. राह चाहे कितनी कठिन हो वे अपने हौसले से मंजिल पा लेती हैं.आज भी ना जाने कितनी ही बेटियां अलग-अलग क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं. बेटियां जहां घर-परिवार के साथ प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं . वहीं सरकार भी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहिम के जरिए लोगों को जागरूक करने में जुटी है.

हरियाणा के पानीपत जिले में साल 2015 में पीएम मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया. पीएम मोदी के इसी नारे के तहत बेटियों को बचाने की मुहिम को सिरे चढ़ा रहे हैं डॉक्टर अंचल.2015 तक हरियाणा में बेटियों का लिंगानुपात बहुत कम था. हरियाणा में बेटियों का लिंगानुपात बढ़ाने के लिए पीएम मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दिया. पीएम मोदी के इसी नारे से भिवानी की रहने वाली डॉ. विनोद अंचल इस कदर प्रभावित हुए कि डॉ. अंचल ने अनन्या शगुन योजना शुरू कर दी. योजना के तहत अस्पताल में पैदा होने वाली हर बेटी को 1100 रुपए शगुन और मिठाई का डब्बा देकर सम्मानित किया जाता है.

5000 बेटियां को किया गया है सम्मानित
डॉ. विनोद अंचल ने अपने अस्पताल में मार्च, 2015 में अनन्या शगुन योजना की शुरूआत की थी. इन 8 सालों में वे 5000 बेटियों को सम्मानित कर चुके हैं. डॉ. विनोद अंचल के अस्पताल में हर महीने 100 से 150 डिलीवरी होती हैं. जिनमें से 60 से 70 संख्या सिर्फ बेटियों की होती है. वहीं बेटियों के जन्म पर मिलने वाले इस सम्मान को पाकर परिजन भी फूले नहीं समाते. बेटियों के अभिभावकों से लेकर घर के बड़े बुजुर्गों का अब यही मानना है कि समाज में बेटा-बेटी अब एक समान हैं. बेटियों को लेकर आज समाज में धारणा बदल रही है.

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FIRST PUBLISHED : June 27, 2023, 21:54 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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