
अभिषेक जायसवाल/वाराणसी.बनारस बाबा विश्वनाथ और मां गंगा के साथ अपने जायके और बनारसी साड़ी (Banarasi Saree) के लिए पूरे दुनिया में मशहूर है. बनारस (Banaras) की यही बनारसी साड़ी को जीआई टैग मिला है. जीआई टैग वाले प्रोडक्ट की सही जानकारी लोगों को मिले इसके लिए अब कवायत शुरू हो गई है. जल्द ही क्यू आर कोड के जरिए से ये जीआई प्रोडक्ट खुद अपने प्रोडक्ट जी जानकारी देंगे. इसके लिए पूरा खाका तैयार हो गया है.
जीआई टैग एक्सपर्ट और पद्मश्री डॉ रजनीकांत ने बताया कि बनारस के बनारसी साड़ी और दूसरे जीआई प्रोडक्ट की सही पहचान के लिए उसमे जल्द ही क्यू आर कोड लगाया जाएगा. जिसे स्कैन करने से इस प्रोडक्ट की सभी जानकारियां लोगों के सामने आ जाएगी.
आसानी से मिलेगी ये जानकारी
रजनीकांत ने बताया कि इस क्यू आर कोड को स्कैन करने पर बनारसी साड़ी को किस बुनकर ने बनाया है. इसे बनाने में कितना वक्त लगा है. बनारसी साड़ी की खूबी क्या है. इसकी कीमत क्या है ये सभी महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से मिलेगी.
यह है बनारसी साड़ी की खूबी
बताते चलें कि बनारस की बनारसी साड़ी अपने खूबसूरती के लिए पूरे दुनिया में मशहूर है. बॉलीवुड की नामचीन हस्तियों के साथ बड़े उद्योगपति घराने के लोग भी इसके फैन है.बनारस में बुनकर हथ करघे पर हैंड वीविंग के जरिए इस बनारसी साड़ी को तैयार करते है.प्योर सिल्क की बनी इन साड़ियों को तैयार करने में 15 दिन से लेकर 6 महीने तक का वक्त लगता हैं. उसी के हिसाब से उसकी कीमत तय की जाती है.
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FIRST PUBLISHED : June 27, 2023, 20:56 IST






