क्या डर गए पुतिन! वैगनर ग्रुप के खिलाफ सैन्‍य-विद्रोह का मुकदमा खारिज किया

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नई दिल्‍ली. रूस की सुरक्षा एजेंसी एफएसबी सिक्‍योरिटी ने मंगलवार को यह जानकारी दी कि वैगनर ग्रुप के खिलाफ सैन्‍य-विद्रोह के मामले को वापस ले लिया गया है. कुछ दिनों पहले इस तरह की खबरें काफी ज्‍यादा चर्चा में थी कि रूस की आर्मी में बगावत हो गई है. प्राइवेट आर्मी चलाने वाले वैगनर ग्रुप की तरफ से इस बगावत की शुरुआत की गई है. इसका मकसद रूस की मिलिट्री लीडरशिप को उखाड़ फेंकना था. इस घटनाक्रम के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन भी डरे हुए हैं. उन्‍हें भी सेना के विद्रोह का डर सताने लगा है.

रशियन न्‍यूज एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया, ‘सेना के विद्रोह के संबंध में दर्ज आपराधिक मामले को बंद कर दिया गया है. सशस्त्र विद्रोह में भाग लेने वालों ने अपराध करने के उद्देश्य से सीधे तौर पर अपना काम बंद कर दिया था. इस बात को ध्‍यान में रखते हुए और जांच से जुड़ी अन्‍य परिस्थितियों के मद्देनजर जांच अधिकारी ने मामले को बंद करने का निर्णय लिया है.’ एफएसबी ने वैगनर ग्रुप के संस्थापक येवगेनी प्रिगोझिन पर सिविल कंफ्लिक्‍ट यानी नागरिक संघर्ष की शुरुआत करने का प्रयास करने का आरोप लगाया था. साथ ही सेना से ये अपील की गई थी कि इस ग्रुप के सदस्‍यों को हिरासत में लिया जाए.’

वॉयस ऑफ अमेरिका (VOI) की खबर में बताया गया कि कार्रवाई नहीं करने का निर्णय उस एग्रिमेंट का हिस्‍सा है जिसके तहत शनिवार रात को सैन्‍य-विद्रोह वापस लेने का फैसला लिया गया था. रूस के रक्षा मंत्रालय की तरफ से यह भी बताया गया कि वेगनर ग्रुप भारी मिलिट्री साजो-सामान सेना को देने की तैयारी में था. प्रिगोझिन इस वक्‍त कहां हैं इस बात की जानकारी किसी को भी नहीं है. फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट यह बताती है कि मंगलवार को प्रिगोझिन से जुड़ा जैट बेलारूस में लैंड हुआ है.

वेगनर ग्रुप के लीडर्स की तरफ से यह बताया गया कि बेलारूसी नेता अलेक्जेंडर लुकाशेंको की तरफ से विद्रोह को रोकने के लिए मध्यस्थता की गई है. इसी के तहत प्रिगोझिन बेलारूस गए हैं.

Tags: Russia News, Russia ukraine war

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Author: Up Head Line

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