
नितिन सेमवाल
चमौली. उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम के आसपास के इलाकों में ईद नहीं मनाई जाएगी. बद्रीनाथ धाम में पंडा पुरोहितों की बैठक में यह फैसला लिया गया है. फैसले के अनुसार, जोशीमठ से आगे ईद का त्योहार नहीं मनाया जाएगा.
पिछले वर्षों तक बद्रीनाथ धाम में भी मनाई जा रही थी. लेकिन इस बार श्री बद्रीनाथ धाम में ईद उल जुहा त्यौहार मानने को लेकर एक बैठक हुई, जिसमें हिंदू संगठन के साथ-साथ बद्रीनाथ व्यापार सभा, पंडा-पुरोहित, तीर्थ पुरोहित, धाम में अलग-अलग कार्यों में लगे हुए ठेकेदार और मजदूरों के साथ थाना बद्रीनाथ में मीटिंग की गई.
मीटिंग में पंडा परिजनों ने मांग की कि बद्रीनाथ धाम में ईद की नमाज अदा नहीं होनी चाहिए. क्योंकि यहां पर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ईद की नमाज अदा करने की परंपरा नहीं है. ऐसे में पुलिस प्रशासन ने गैर हिंदुओं से वार्ता करके नमाज अदा न करने की मांग की थी. जिस पर गैर हिंदुओं ने भी अपनी सहमति जताते हुए आगामी ईद को बद्रीनाथ धाम से बाहर मनाने की बात कही. सभी लोगों ने अपनी सहमति जताई है. पुलिस प्रशासन ने मीटिंग रजिस्टर में भी बैठक को दर्ज कर सभी गैर हिंदुओं की सहमति होने की बात लिखी है.
पंडा पुरोहित प्रवीण ध्यानी ने बताया कि पिछले कई वर्ष गैर हिंदुओं द्वारा बद्रीनाथ धाम में गुपचुप तरीके से ईद की नमाज अदा की जा रही थी. इस पर हिंदू संगठनों में नाराजगी भी थी, लेकिन इस बार सभी लोगों ने इस पर बैठक करके सौहार्दपूर्ण तरीके से मामले को शांत कर दिया है और भविष्य में जोशीमठ से आगे कहीं भी बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बद्रीनाथ धाम के मुख्य पड़ाव पर ईद अता नहीं होगी.
उत्तराखंड पुलिस के वरिष्ठ उप निरीक्षक एसआई लक्ष्मी बिलजवाण ने बताया कि मीटिंग में व्यापार सभा के साथ-साथ सभी संगठन बैठक में मौजूद रहे और सभी ने ईद उल जुहा त्यौहार पर बदरीनाथ धाम में ईद की नमाज अदा न करने की मांग की थी जिस पर पुलिस ने बैठक बुलाकर सभी से वार्ता की और इस पूरे मामले को उच्च अधिकारियों को बता दिया गया है.
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FIRST PUBLISHED : June 27, 2023, 14:52 IST






