Women Empowerment: जिन रास्तों पर जाने से घबराते हैं लोग, वहां रात भर लखनऊ की महिला बाइकर्स ने मचाई धूम

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अंजलि सिंह राजपूत/लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सड़कों पर जब रॉयल एनफील्ड बुलेट लेकर धड़धड़ाते हुए श्वेता दुबे और प्रतिभा वर्मा निकलती हैं तो हर कोई पीछे मुड़-मुड़ कर देखता है. इन महिला बाइक राइडर्स को देख कर ज्यादातर लोग हैरान हो जाते हैं. इन दोनों महिलाओं को बाइक चलाने का जबरदस्त जुनून है. इसके लिए वो खतरों से खेलने से भी नहीं घबरातीं. यही वजह है कि सोनभद्र के उन रास्तों पर जहां रात में लूटपाट होने के डर से कोई गुजरना नहीं चाहता था, वहां भी श्वेता और प्रतिभा ने धूम मचाते हुए बाइक से अपने सफर को पूरा किया और वाराणसी होते हुए लखनऊ पहुंचीं.

श्वेता दुबे ने बताया कि लखनऊ से सोनभद्र तक यूपी टूरिज्म की ओर से महिला बाइक राइडर्स को सुरक्षित दिखाने के लिए एक रैली निकाली गई थी, जिसमें वो और उनकी साथी प्रतिभा वर्मा ने रात में सोनभद्र से वाराणसी और फिर लखनऊ आने का फैसला लिया. उन्होंने रात भर सोनभद्र की उन सड़कों पर बाइक चलाई जहां पर उनके साथ के लोगों ने जाने से मना कर दिया था. अंधेरी रात में सुनसान सड़क पर इन दोनों साहसी महिलाओं ने बाइक चलाकर जो अनुभव हासिल किया है, वो उन्हें जिंदगी भर याद रहेगा.

बेटा बोला- बाइक तो पापा चलाते हैं

बाइकर श्वेता दुबे एक बच्चे की मां हैं. उनका 15 वर्षीय बेटा स्पेशल चाइल्ड है. ऐसे में अक्सर लोग टूट जाते हैं, लेकिन वो टूटी नहीं और अपने जुनून को फॉलो किया. इस दौरान जिम में उन्हें एक लड़की मिली जो बाइक चलाती थी. उसको देख कर श्वेता को प्रेरणा मिली और कोविड-19 के दौरान उन्होंने बाइक चलाना सीखा. श्वेता ने अपने बच्चे को बाइक पर बिठा कर घुमाया. पहली बार उनका बेटा डर गया और उनसे कहने लगा कि यह तो पापा का काम है, लेकिन जब उसने उनके साथ बाइक पर बैठ कर घूम लिया तो उसने कहा यह तो मम्मा भी कर सकती हैं. श्वेता के लिए यह बहुत ही गर्व का पल था.

स्कूटी चलाने से भी लगता था डर

वहीं, प्रतिभा वर्मा ने बताया कि उन्हें स्कूटी चलाने से भी बहुत डर लगता था, लेकिन अब वो अपनी बुलेट से उत्तर प्रदेश की सड़कों पर फर्राटा भरती हैं. वो बताती हैं कि जब पहली बार उन्हें सोनभद्र तक बाइक से जाना था, तो परिवार बहुत डर गया था. परिवार ने उन्हें मना किया था और उन्हें डांट भी पड़ी थी, लेकिन जब वो सही सलामत अपने घर लौटीं तो घरवालों को गर्व महसूस हुआ.

प्रतिभा बताती हैं कि वो मेडिकल फील्ड से जुड़ी हुई हैं. वो भविष्य में अपने बाइक राइडिंग के जुनून को जारी रखेंगी. प्रतिभा ने कहा कि सोनभद्र वाली राइड उन्हें जिंदगी भर याद रहेगी, क्योंकि उस वक्त डर लगा था, लेकिन कहते हैं न कि डर के आगे जीत है, तो हमारे साथ भी यही हुआ था.

Tags: Bullet Bike, Local18, Lucknow news, Up news in hindi, Women Empowerment

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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