
ओम प्रयास/हरिद्वार. सावन माह हिन्दू कैलेंडर के पांचवें महीने में आता है और हिंदू धर्म में इसे विशेष महत्व दिया जाता है. इस महीने में हिंदू धर्म के लोग भगवान भोलेनाथ के नाम पर श्रद्धा भाव से पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक कार्य करते हैं, जैसे जलाभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ. अगर आपने सावन मास के दौरान भगवान भोलेनाथ के नाम पर कोई धार्मिक अनुष्ठान या जलाभिषेक किया है, तो आपको कोई भी परेशानी नहीं होगी.
यदि आप भगवान भोलेनाथ से अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति चाहते हैं, तो सावन महीने में उनके दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना करने से आपकी सभी मुरादें पूरी हो सकती हैं. यहां उनकी ससुराल हरिद्वार की सबसे प्राचीन नगरी कनखल में उनके दक्षेश्वर महादेव मंदिर है, जहां पर आप पूजा-अर्चना, अनुष्ठान आदि कर सकते हैं.
भगवान शिव के भक्तों के लिए सावन के महीने में दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा करना काफी महत्वपूर्ण होता है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रविंद्र पुरी ने बताया है कि इस संवत में अधिक मास होने के कारण शिव भक्तों को इसका विशेष लाभ मिलेगा. इस साल सावन का महीना गुरु पूर्णिमा से लेकर रक्षाबंधन तक है. अध्यक्ष श्री महंत रविंद्र पुरी के अनुसार, जो व्यक्ति पूरे साल भर भगवान शिव की पूजा अर्चना आराधना नहीं कर पाते हों, ऐसे लोग अगर दक्षेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करवाते हैं तो उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.
इच्छाओं की होती हैं पूर्ति
देवशयनी एकादशी के बाद भगवान विष्णु शयन काल में चले जाते हैं जिसके बाद पूरे ब्रह्मांड का संचालन भगवान भोलेनाथ ही करते हैं. सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ के निमित्त पूजा-पाठ, जलाभिषेक, व्रत आदि करने पर सभी इच्छाएं पूरी होने की धार्मिक मान्यता है. कनखल के दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा पाठ करने का विशेष महत्व है. धार्मिक कथाओं के अनुसार, सावन के महीने में दक्षेश्वर महादेव मंदिर में पूजा करने पर भोलेनाथ मनोकामनाएं पूरी होने का आशीर्वाद देते हैं. यह एक ऐसा सामान्य अनुष्ठान है, जिसे मनुष्य संसार में हमेशा से किया जाता रहा है.
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FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 00:29 IST





