200 साल पुराना है यह मंदिर, यहां माता करती है सुरापान,नशे की लत से मिलता है छुटकारा

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

विजय राठौड़/ग्वालियर.मध्य प्रदेश के चंबल क्षेत्र में देवी-देवताओं के काफी सारे  मंदिर हैं. यहां मंदिर और खासकर देवी मंदिरों की बहुतायत है. ग्वालियर शहर के मंदिरों मेंं ईश्वर के अलग अलग स्वरूप विद्यमान हैं, तो वहीं उनके इन स्वरूपों की लीलाएं भी निराली हैं. ऐसी ही एक लीला शहर के दौलत गंज क्षेत्र के इस मंदिर में देखने को मिलती है. जिसमें माता को सुरा (शराब) का भोग लगाया जाता है.

200 साल पुराना है जीर्णमाता का मंदिर

ग्वालियर के दौलतगंज क्षेत्र में जीर्ण माता का अति प्राचीन मंदिर मौजूद है. मंदिर के पुजारी रामाधार गुरु महाराज ने बताया कि यह मंदिर बेहद प्राचीन है और उनका परिवार बीती 4 पीढ़ियों से माता की सेवा में लगा हुआ है. इस मंदिर में माता के दर्शनों के लिए दूर-दूर से लोग आते है. इस मंदिर में जीर्ण माता के साथ राम जानकी दरबार भी है.

रोजाना चलता है माता के मंदिर में लंगर

शहर के बीचों बीच बने इस मंदिर कि ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है. मंदिर के उपासक अचल महाराज ने बताया कि मंदिर में रोजाना भूखे और जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाता है. रोजाना लगभग 100 से 120 लोगों के लिए प्रतिदिन भोजन तैयार कर आदरपूर्वक तरीके से कुर्सी टेबल पर बैठाकर भोजन कराया जाता है. इसके अलावा यदि कोई भोजन अपने घर के लिए मांगता भी है, तो उसे भी दे दिया जाता है. ताकि भगवती के आशीर्वाद से कोई भी भूखा न सोए.

सुरा (शराब) का लगाया जाता है भोग

मंदिर के पुजारी रामाधार गुरु ने बताया कि जीर्ण माता के इस मंदिर में माता को अन्य भोज सामग्री के साथ-साथ सुरा शराब का भी भोग लगाया जाता है. सुरा को भोग के प्याले में डालकर माता के मुंह से लगाया जाता है. जो कुछ देर बाद खुद ही खाली हो जाता है. उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति नशे का आदी है और नशा से मुक्ति पाना चाहता है, तो माता के श्री चरणों में नशे की वस्तु को अर्पित कर माता से आग्रह करने पर व्यक्ति को नशे से मुक्ति मिलने लगती है.

Tags: Gwalior news, Latest hindi news, Local18, Madhyapradesh news

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें