
अर्पित बड़कुल/दमोह: बदलते वक्त के साथ बुंदेली व्यंजनों को बनाना और उनका स्वाद मिलना कम हो गया है. गांव में तो अब भी बुंदेली भोजन की महक यदाकदा मिल जाती है, लेकिन शहरों में बुंदेली भोजन पूरी तरह से नदारद है. बावजूद इसके दमोह शहर में आज भी 63 साल पुराने लंगड़ा होटल में बुंदेली व्यंजनों का स्वाद चखने को मिल रहा है.
सालों पुराना यह होटल शहर में किसी पहचान का मोहताज नहीं है, क्योंकि जिले का यही पहला होटल रहा है. इसके अलावा इस होटल की खासियत है कि यहां पकने वाला पकवान 100 प्रतिशत शुद्ध होता है. चूल्हे पर सिकी रोटियां, सब्जी, दाल और चावल में सोंधेपन का स्वाद होता है. यह होटल अपने अनोखे अंदाज के लिए जाना जाता है.
इस होटल की खास बात यह है कि यहां आने वाले ग्राहकों को एक व्यंजन मुफ्त में मिलता है. जैसे दाल लेने पर रोटी फ्री या रोटी लेने पर सब्जी फ्री. यहां 25 रुपये में लोगों का पेट आज भी भर जाता है. इसलिए इसे गरीबों की रसोई भी कहा जाता है. बोर्ड पर लिखे होटल के नाम पर एक नजर डालें तो वेलकम लोगो इस होटल की पहचान है.
‘सबसे सस्ता खाना परोसते हैं’
होटल संचालक संजीव दुबे ने बताया कि लंगड़ा होटल सन 1960 से संचालित है. पहले बहराम टॉकीज के पास यह होटल था. दादा जी का एक्सीडेंट हो गया था, जिसमें उनका एक हाथ कट गया तभी से उन्होंने इस होटल का नाम लंगड़ा होटल रख दिया. इस महंगाई के दौर में हम टाल से लकड़ियां खरीदते हैं और पूरे शहर में सबसे सस्ता खाना सिर्फ 25 रुपये में परोसते हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 25, 2023, 20:37 IST





