तो राजस्थान के इस महल को देखकर शाहजहां को आया था ताजमहल बनाने का आइडिया…..कई महीने गुजारे थे यहां


निशा राठौड़/ उदयपुर. झीलों की नगरी के नाम से पूरे विश्व में विख्यात उदयपुर की खूबसूरती का हर कोई कायल हो जाता है. ऐतिहासिक महल, अरावली की वादियों को छूते बादल, पहाड़ों से बहते झरने और यहां की संस्कृति के रंग देखकर हर कोई उनमें रंग जाता है. वैसे तो उदयपुर में काफी ऐतिहासिक महल हैं, जिनकी वास्तुकला बेजोड़ है. लेकिन, यहां झील के बीच टापू पर बना जग मंदिर अपनी सुंदरता के लिए अलग ही पहचान रखता है. कहा जाता है कि झीलों के बीच बने इस सुंदर महल को देखकर ही पहली बार मुगल बादशाह शाहजहां को ताजमहल बनाने का ख्याल आया था. ऐसा इ​सलिए उस दौर में शाहजहां इस महल में कई महीनों तक रुक थे.

पिछोला झील के बीच में स्थित है जग मंदिर पैलेस

उदयपुर शहर की पिछोला झील के बीच में टापू बने महल को जग मंदिर पैलेस के नाम से जाना जाता है. झील के बीच में होने की वजह से इसके चारों तरफ पानी है. जिससे इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है. तीन मंजिला यह महल पीले बलुआ पत्थर और संगमरमर से बनी एक भव्य संरचना है. जग मंदिर पैलेस में आकर्षक और अद्भुत नक्काशी है. इसकी खूबसूरती रात में काफी देखने लायक होती है.

शाहजहां ने ली थी यहां शरण

इतिहासकार श्रीकृष्ण जुगुनू ने बताया कि जग मंदिर पैलेस में शाहजहां ने अपने पिता के साथ हुए विद्रोह के बाद शरण ली थी. शाहजहां ने यहां कई माह गुजारे थे और वे जग मंदिर पैलेस में ही रुके थे. महाराणा कर्ण सिंह के समय शाहजहां ने अपने पिता के खिलाफ विद्रोह किया था. शाहजहां को 1623-24 में यहां रहने के दौरान ताजमहल को बनाने की प्रेरणा मिली थी.

बोट से देखने आते हैं पर्यटक

उदयपुर में सिटी पैलेस के बगल में बंसी घाट घाट से नाव द्वारा ही जग मंदिर तक पहुंचा जा सकता है. पर्यटक महल का दौरा कर सकते हैं और वहां रात्रि भोजन कर सकते हैं. रात का खाना पहले से बुक करना बेहतर है. इस द्वीप के टिकट उदयपुर सिटी पैलेस के प्रवेश द्वार से खरीदे जा सकते हैं. यह सुबह10 बजे से रात 10.30 बजे तक पर्यटकों के लिए खुला रहता है.

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Author: Jagran Times

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