
नीरज कुमार/बेगूसराय. पिछले दिनों उत्तर प्रदेश में अमेठी के आरिफ और सारस की दोस्ती के किस्से काफी मशहूर हुए थे. अब बिहार में भी इंसान और पशु-पक्षी के बीच दोस्ती का एक किस्सा सामने आया है. इस शख्स को लोग बाज मेन ऑफ बेगूसराय के नाम से भी जानते हैं. दरअसल, हम बात कर रहे हैं बिहार के बेगूसराय नगर निगम वार्ड-21 के रहने वाले सेवानिवृत्त जवान संतोष कुमार की. जो बीएसएफ में रहकर देश की सेवा के लिए कभी अपने कंधे पर हथियार उठाते थे. लेकिन अब रिटायर्ड होने के बाद वो अपने कंधों पर बाज को लेकर चलते हैं.
बेगूसराय के रहने वाले रिटायर्ड बीएसएफ जवान संतोष कुमार ने बताया कि इंसान की करुणा और स्नेह का पशु-पक्षी भी हकदार है . इसी मकसद से समाज के हर तबके तक यह संदेश देने में जुटे हैं. रिटायर्ड बीएसएफ जवान ने बताया कि नौकरी के दौरान जीडीजी में ट्रांसफर हो गया था. इसी दौरान बेंगलुरु गया तो बाज से दोस्ती हो गई. तब से यह बाज साथ ही रहता है. जहां भी जाते हैं साथ चलता है. खाना के साथ-साथ पानी भी हाथ से हीं पीता है. उन्होंने बताया कि बचपन से ही पशु प्रेम था और वो उनकी सेवा भी करते रहे. उन्होंने बताया कि बाज का नाम इंडियन डॉन शेरा रखा रखा है. बाज के बीमार पड़ने पर खुद से ही इलाज भी करते हैं .
बाज मैन ऑफ बेगूसराय कहे जाते हैं संतोष
प्रो. अनिल चौधरी ने बताया संतोष जहां भी रहते हैं इनका बाज इन्हें खोजकर चला आता है. इन्हें बाज मैन ऑफ बेगूसराय के नाम से पुकारा जाता है. वहीं संतोष कहते हैं कि आज भी समाज के बड़े तबके में पशुओं के प्रति करुणा का अभाव है. इसे बदलने की जरूरत है. पशु-पक्ष्री भी जीवन का अभिन्न हिस्सा है. पर्यावरण संतुलन में इनका खास योगदान है. इसलिए सभी को मिलकर विलुप्त हो रहे प्राणी को बचाने का प्रयास करना चाहिए.
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FIRST PUBLISHED : June 25, 2023, 16:07 IST





