इस मस्जिद के 17 गुंबद बने हैं सोने के, 6 क्विंटल गोल्ड का हुआ इस्तेमाल, एक साथ 5000 लोग पढ़ सकते हैं नमाज़

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वसीम अहमद/अलीगढ़. देश मे सबसे ज्यादा सोने का इस्तेमाल अलीगढ़ के मस्जिद में हुआ है. अलीगढ़ की जामा मस्जिद भारत ही नहीं बल्कि एशिया में सबसे ज्यादा सोना लगे होने के कारण मशहूर है. अलीगढ़ के कोट इलाके में स्थित जामा मस्जिद और ताजमहल में कई समानताएं हैं. जामा मस्जिद अवधी व मुगलकालीन वास्तु कला का अनूठा संगम है.

मस्जिद के कमेटी सदस्य गुलरेज़ अहमद ने बताया कि, कहा जाता है ताजमहल बनाने वाले मुख्य इंजीनियर ईरान के अबू ईसा अंफादी के पोते ने जामा मस्जिद का निर्माण किया था.जामा मस्जिद के 17 गुंबदों को ठोस सोने से बनाया गया है. जबकि ताजमहल और स्वर्ण मंदिर में केवल सोने की परत चढ़ाई गई है. इस मस्जिद में लगभग 5 से 6 क्विंटल सोना लगा हुआ बताया जाता है.साथ ही इस मस्जिद में लगभग 5,000 लोग एक साथ बैठकर नमाज अदा कर सकते हैं और इस मस्जिद में महिलाओं के अलग से नमाज अदा करने की जगह बनी हुई है.

पांच हजार से ज्‍यादा लोग एक साथ पढ़ते हैं नमाज
करीब 300 साल पहले जामा मस्जिद का निर्माण कोल के गवर्नर साबित खान जंगे बहादुर के शासनकाल में साल 1724 में कराया गया था. इसके निर्माण में 4 साल लगे थे. तब जाकर यह साल 1728 में बनकर तैयार हुई थी. इस मस्जिद की खासियत यह है कि यहां एकसाथ 5000 लोग नमाज़ पढ़ सकते हैं. मस्जिद के गेट और चारों कोनों पर भी छोटी-छोटी मीनारें हैं.

कहा जाता है शहीदों की बस्ती
जामा मस्जिद और ताजमहल की कारीगरी में बहुत समानताएं देखने को मिलती है. इस मस्जिद में 17 गुंबद हैं. अलीगढ़ की यह जामा मस्जिद देश की पहली मस्जिद है. जहां पर 1857 की क्रांति के 73 शहीदों की कब्रें हैं. इसलिए इसे गंज-ए-शहीदान यानी शहीदों की बस्ती भी कहा जाता है.

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FIRST PUBLISHED : June 25, 2023, 15:01 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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