
अंकित राजपूत/ जयपुर.कहा जाता है कि बदलाव का इंतजार करने से बेहतर है उसके लिए कोशिश की जाए. आज की भाग दौड़ भरी दुनिया में लोग अपने ही जीवन चलाने में ही व्यस्त रहते हैं और इस व्यस्त समाज में आज भी ऐसे लोग हैं जो समाज में शिक्षा, चिकित्सा, कला, योग, आयुर्वेद अन्य क्षेत्रों में अच्छा कार्य कर रहे हैं.
ऐसे ही जयपुर में मानसरोवर स्थित अनुज श्रीवास्तव हैं जो सड़को पर भीख मांगने वाले, कचरा बीनने वाले, अपराध करने वाले, नशा करने वाले, पाक विस्थापित, फेरी लगाने वाले और घरों में काम वाली बाइयों के छोटे बच्चों को मुफ्त शिक्षा देते हैं. वह मस्ती की पाठशाला नाम से एक संस्था चलाते हैं. जिसका उद्देश्य अशिक्षित, वंचित, दिशाहीन और देश की कुरीतियों, बुराईयों व विसंगतियों में लिप्त बच्चों को सभ्य, साक्षर और देश की संस्कृति के प्रति जागरूक करना हैं. मस्ती की पाठशाला 3 सितंबर 2020 गंगा जमुना कच्ची बस्ती से शुरू हुई, जो आज मानसरोवर व केसर चौराहा मुहाना मंडी रोड 2 केंद्र पर संचालित है. जिसमें 5 शिक्षकों के सानिध्य में 150 से अधिक बच्चे शिक्षा के पथ पर चल रहे हैं.
पाठशाला के फाउंडर अनुज श्रीवास्तव और निदेशक के रूप में मीनाक्षी श्रीवास्तव सराहनीय कार्य कर रहे हैं. श्रीवास्तव का कहना है की मस्ती की पाठशाला का उद्देश्य इसी प्रकार से लगातार जारी रहेगा और अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा में से जोड़ कर उनके भविष्य के लिए कार्य करते रहेंगे.
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FIRST PUBLISHED : June 25, 2023, 14:57 IST





