
वितस्ता: कश्मीर महोत्सव के अंतर्गत श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तक “वितस्ता : यूनाइटिंग कल्चर्स” का लोकार्पण किया गया. पुस्तक का लोकार्पण गृहमंत्री अमित शाह ने किया. कार्यक्रम में संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन और संयुक्त सचिव संस्कृति मंत्रालय उमा नंदूरी भी उपस्थित थीं.
“वितस्ता: यूनाइटिंग कल्चर्स” पुस्तक में इस कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत जनवरी में चेन्नई में आयोजित संगोष्ठी “कश्मीर की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत”, पुणे में अप्रैल में आयोजित संगोष्ठी “गोदावरी एवं वितस्ता एक सांस्कृतिक यात्रा” तथा श्रीनगर में आयोजित हो रही संगोष्ठी “बौद्ध धर्म और कश्मीर” के 30 आलेख प्रकाशित किए गए हैं. इस पुस्तक में जिन लेखकों-विद्वानों के आलेख संकलित हैं उनमें सीके गरियाली, प्राण किशोर, सिद्धार्थ काक, सी. राजेंद्रन, ए. कौल, एजाज मोहम्मद शेख, सतीश विमल, गौरीशंकर रैना, एएस पाठक, रूप किशन भट्ट, ललित परिमू, दिलीप धोंडें, शशि शेखर तोषखानी, ललित गुप्ता, विद्यासागर पाटनणकर, ललित गुप्ता, मुस्ताक बी. बराक, भाषा सुंबली, सोनालिका कौल, मेघ कल्याणसुंदरम, जसबीर चावला, ठिनलस ग्युरमेद, रतन लाल तलाशी, सोएब इनायत मलिक, फारुख फैय्याज, सत्यभामा राजदान, चंदन कुमार और वाहिद नसरू आदि शामिल हैं.
बता दें कि पूरे देश को कश्मीर की महान सांस्कृतिक विरासत और विविधता से रू-ब-रू कराने के उद्देश्य से वितस्ता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. यह महोत्सव वितास्ता नदी से जुड़ी लोक मान्यताओं पर केंद्रित है. वितस्ता नदी को वैदिक काल से ही बहुत पवित्र नदी माना जाता है. वितस्ता नदी का उल्लेख नीलमत पुराण, वितस्ता महामाया, हरचरिता चिंतामणि, राजतरंगिणी जैसे कई प्राचीन ग्रंथों में मिलता है.
.
Tags: Hindi Literature, Literature
FIRST PUBLISHED : June 24, 2023, 21:38 IST






