दिल्ली से लाया फर्जी नियुक्ति पत्र, TTE बन गया युवक, एक महीने से झांसी-आगरा रूट पर करता रहा टिकट चेक

हाइलाइट्स

ट्रेनों में महीने भर से फर्जी TTE कर रहा था टिकिट चेक
7 लाख में बनाया फर्जी नियुक्ति पत्र
श्योपुर का रहने वाला है आरोपी
GRP आरोपी से पूछताछ में जुटी

ग्वालियर. झांसी-आगरा रूट की ट्रेनों में पिछले एक महीने से फर्जी टीटीई मुसाफिरों के टिकट चेक कर रहा था.  रेलवे अफसर नींद में सोए थे, लेकिन एक यात्री की जागरूकता से यह फर्जी टीटीई RPF के शिकंजे में फंस गया. जब इसकी तलाशी ली गई तो इसके पास से एक नियुक्ति पत्र, दो आईडी कार्ड सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए. पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ने 7 लाख रुपये में फर्जी तरीके से नियुक्ति पत्र हासिल किया था. जीआरपी अब इस बात का पता लगाने में जुट गई है कि आखिर एक युवक को फर्जी नियुक्ति पत्र देने के पीछे कोई बड़ा गिरोह तो काम नहीं कर रहा.

शुक्रवार को झांसी से ग्वालियर की ओर आ रही बुंदेलखंड एक्सप्रेस के जनरल कोच में एक टीटीई यात्रियों के टिकट चेक कर रहा था. जनरल कोच में बैठे एक यात्री को इस टीटीई पर शक हुआ तो उसने कंट्रोल रूम को फोन लगाया. सूचना मिलने के बाद आरपीएफ की टीम ग्वालियर स्टेशन के प्लेटफार्म पर ट्रेन का इंतजार करने लगी. जैसे ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस ग्वालियर स्टेशन पहुंची तो आरपीएफ की टीम ने टीटीई से पूछताछ शुरू की. आरोपी ने अपना नाम नरेश बंजारा बताया. नरेश के मुताबिक वह श्योपुर जिले का रहने वाला है और उसे दिल्ली के अफसरों ने एक नियुक्ति पत्र दिया है. इसकी एवज में 7 लाख रुपये लिए हैं.

दिल्ली से 7 लाख रुपए में लाया फर्जी नियुक्ति पत्र

पकड़े गए नरेश बंजारा के पास मिला नियुक्ति पत्र और आई कार्ड पूरी तरह फर्जी है. पूछताछ में नरेश ने बताया कि दिल्ली में उसे नियुक्ति पत्र देने वाले ने 7 लाख रुपये वसूल किए हैं. नियुक्ति पत्र देते हुए उससे कहा गया था कि आपकी नौकरी पक्की हो गई है, लेकिन शुरुआती दौर में आपको ट्रेनिंग करना पड़ेगी. इसके बाद नरेश ग्वालियर आकर झांसी आगरा रूट की ट्रेनों में टिकट चेक करने लगा. नरेश ने बताया कि वह ग्वालियर से दिल्ली रूट पर पिछले 15 दिन से ट्रेनों में यात्रियों के टिकट चेक कर रहा था.  नरेश के मुताबिक इस दौरान उसे किसी भी रेलवे अधिकारी आरपीएफ और  जीआरपी के दस्ते ने नहीं पकड़ा.

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नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय

फर्जी टीटीई नरेश बंजारा से जीआरपी को पूछताछ के दौरान कई जानकारियां मिली है. नरेश ने 7 लाख रुपये में दिल्ली के अधिकारियों से नियुक्ति पत्र हासिल किया था.  ऐसे में जीआरपी अब उन अधिकारियों तक पहुंचने के लिए पूछताछ कर रही है. जीआरपी को इस बात की भी आशंका है कि रेलवे में नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय हो सकता है. जीआरपी जल्द ही इस मामले में दिल्ली में छापामार कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है.

फर्जी नियुक्ति पत्र से TTE बन गया युवक, एक महीने तक करता रहा टिकट चेक

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Author: Jagran Times

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