ईशान किशन या केएस भरत? वेस्टइंडीज में किसे और क्यों मिलना चाहिए मौका, इंग्लैंड से सबक ले सकता है भारत

Ishan kishan or KS Bharat For West Indies Tour: टीम इंडिया को जुलाई में वेस्टइंडीज का दौरा करना है. इस दौरे के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो गया है और दो टेस्ट की सीरीज के लिए बतौर विकेटकीपर ईशान किशन और केएस भरत दोनों को शामिल किया गया है. लेकिन, प्लेइंग-11 में किसे मौका मिलेगा, ये बड़ा सवाल है? WTC Final और बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय टीम मैनेजमेंट ने केएस भरत को मौका दिया था. लेकिन, वो बल्ले से नाकाम रहे थे. ऐसे में वेस्टइंडीज में ईशान किशन बाजी मार सकते हैं. जानिए कैसे?

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इंग्लैंड ने अपने बैजबॉल से टेस्ट क्रिकेट का तेवर और कलेवर दोनों बदलकर रख दिया. बेन स्टोक्स की अगुआई वाली टीम भले ही ऑस्ट्रेलिया से एजबेस्टन में खेला गया पहला एशेज टेस्ट 2 विकेट से हार गई. इसके बाद भी इंग्लैंड का टेस्ट खेलने का अंदाज शायद ही बदले. टीम इंडिया भी वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम चुनते वक्त इंग्लैंड से सबक ले सकती है. वो कैसे आइए बताते हैं. (AP)

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इंग्लैंड ने एशेज सीरीज के लिए बेन फोक्स जैसे बेहतर विकेटकीपर की कीमत पर जॉनी बेयरस्टो को मौका दिया. बेयरस्टो ने एजबेस्टन टेस्ट में कई कैच टपकाए और गलतियां कीं. लेकिन, जब बैटिंग की बात आई तो फोक्स उनके आस-पास भी नहीं है. बेयरस्टो ने एजबेस्टन टेस्ट की पहली पारी में 100 की स्ट्राइक रेट से 78 रन ठोके थे. भारत वेस्टइंडीज दौरे पर इसी सोच के साथ आगे बढ़ सकता है. (AP)

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ऋषभ पंत के रूप में भारत के पास ठोस विकेटकीपर और बल्ले से एक मैच विनर मौजूद था. लेकिन पंत के चोटिल होने के बाद केएस भरत को बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी और फिर WTC Final में मौका दिया गया. लेकिन स्पिन गेंदबाजों की मददगार भारतीय विकेटों पर भरत को आर अश्विन और रवींद्र जडेजा के खिलाफ विकेटकीपिंग में परेशानी आई और एक बैटर के रूप में भी वो छाप छोड़ने में नाकाम रहे. AP

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भरत ने WTC Final में विकेटकीपिंग अच्छी की. उनके डीआरएस कॉल भी सटीक रहे. लेकिन, बल्लेबाजी ने निराश ही किया. वो शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ असहज नजर आए. ऐसे में भारत के पास वेस्टइंडीज दौरे पर एक मौका है कि वो केएस भरत से आगे देखें और ईशान किशन को आजमाएं. अब सवाल ये कि ईशान क्यों? (BCCI)

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केएस भरत अपने 5 टेस्ट लंबे करियर में बतौर बल्लेबाज कभी सहज नजर नहीं आए. ईशान किशन की भी अपनी कमजोरी है. उन्हें शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ परेशानी होती है. लेकिन, वेस्टइंडीज में अब पहले जैसे विकेट नहीं हैं. वहां गेंद में अतिरिक्त उछाल नहीं होता है. ऐसे में ईशान की पावर हिटिंग भारत के काम आ सकती है और उन्हें भरत पर तरजीह दी सकती है. AP

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ईशान पंत के लाइक फोर लाइक रिप्लेसमेंट हो सकते हैं. पंत की तरह ईशान भी बाएं हाथ के बैटर हैं और पहली ही गेंद से बड़ा शॉट लगा सकते हैं. टेस्ट क्रिकेट में उनके जैसे खिलाड़ियों की तेजतर्रार 50-60 रन की पारी मैच का रुख बदल सकती है. ऐसे में ईशान भरत से बेहतर हैं और भारतीय टीम मैनेजमेंट वेस्टइंडीज दौरे पर उन्हें आजमा सकता है. (PTI)

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Author: Jagran Times

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