
हाइलाइट्स
पिछले तीन वर्षों में ही टीसीएस में तीन लाख लोगों की भर्ती हुई है.
अंदाजा लगाया जा रहा है कि कमीशन का यह खेल बहुत बड़ा है.
जांच के बाद अब कंपनी ने 4 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.
नई दिल्ली. सरकारी नौकरियों में अक्सर घूस लेने के खबरें आती रहती हैं. लेकिन अब एक ऐसा मामला सामने आया है, जो संभवत: अपनी तरह का पहला नौकरी घोटाला है. इस रिश्वत कांड में पैसे सरकारी नौकरी दिलाने के लिए नहीं बल्कि देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS Job Scandal) में नौकरी दिलाने की खातिर लिए गए हैं. घूस में ली गई रकम 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस घूसकांड में शामिल होने के आरोप में टीसीएस ने कंपनी के रिसोर्स मैनेजमेंट ग्रुप (RMG) के ग्लोबल हेड ईएस चक्रवर्ती सहित 4 बड़े अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. आईटी कंपनी ने तीन स्टाफिंग फर्मों को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया.
लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, आईटी कंपनी में नौकरी दिलाने के बदले कुछ बड़े अधिकारियों ने कंसल्टेंसी स्टाफिंग कंपनियों (Staffing Firms) से बड़े स्तर पर कमीशन लिया. पिछले तीन वर्षों में ही टीसीएस में 3 लाख लोगों की भर्ती हुई है. इससे लिए अंदाजा लगाया जा रहा है कि कमीशन का यह खेल बहुत बड़ा है. इस घोटाले का खुलासा एक व्हिसलब्लोअर ने किया. उसने कंपनी के CEO और COO को एक लेटर लिखकर दावा किया कि RMG के ग्लोबल हेड ईएस चक्रवर्ती नौकरी देने के बदले स्टाफिंग फर्मों से रिश्वत लेते हैं. TCS ने आरोपों की जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी बनाई. इसमें चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर अजीत मेनन भी शामिल थे. कई सप्ताह चली जांच के बाद अब कंपनी ने चक्रवर्ती सहित 3 अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई की है.
1997 से टीसीएस में है चक्रवर्ती
चक्रवर्ती 1997 से ही टीसीएस में है. वे मुख्य परिचालन अधिकारी नटराजन गणपति सुब्रमण्यम को रिपोर्ट करते थे. जिस दूसरे अधिकारी को निलंबित किया गया है वो रिसोर्स मैनेजमेंट ग्रुप के एक्सीक्यूटिव अरुण जीके हैं. टीसीएस ने इन दोनों के अलावा जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की है, उना नाम अभी पता नहीं चल पाया है. जिन तीन स्टाफिंग फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है, उनका नाम भी अभी सामने नहीं आया है.
100 करोड़ का खेल
अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि टीसीएस में नौकरी दिलाने के बदले कितना कमीशन लिया गया है. लेकिन माना जा रहा है कि इसमें शामिल लोगों ने कम से कम 100 करोड़ रुपये कमीशन के तौर पर लिए हैं. दरअसल आरएमजी डिवीजन हर रोज नई भर्तियों समेत करीब 1,400 इंजीनियरों को विभिन्न प्रोजेक्ट पर लगाता है. इसका कामकाज काफी फैला हुआ है. इसलिए आशंका जताई जा रही है कि यह घोटाला काफी बड़ा है.
3 साल में हुईं 3 लाख भर्तियां
टीसीएस भारतीय कॉरपोरेट जगत में सबसे ज्यादा नौकरियां मुहैया कराती है. टीसीएस के कर्मचारियों की संख्या 2022 के अंत में 6.15 लाख थी. पिछले 3 साल में कंपनी ने करीब 3 लाख भर्तियां की हैं और इनमें से 50 हजार लोगों को तो हालिया कुछ महीने में काम पर रखा गया है. एम्पलॉई रेफरल प्रोग्राम के और स्टाफिंग फर्म के जरिए भर्तियां करती हैं.
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Tags: Business news in hindi, Job, Scam, TCS
FIRST PUBLISHED : June 23, 2023, 18:39 IST






