
भोपाल. मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं. भाजपा और कांग्रेस विभिन्न समाज वर्गों को साधने के लिए एड़ी चोटी का दम लगा रहे हैं. कांग्रेस चुनाव से पहले अब तक 45 प्रकोष्ठ और 15 विभागों का गठन कर चुकी है, जो विभिन्न समुदाय समाज वर्गों और संगठनों से ताल्लुक रखते हैं. कांग्रेस कार्यालय में लगातार अलग-अलग प्रकोष्ठ और विभागों के सम्मेलन जारी हैं.
इन कार्यक्रमों में पूरे प्रदेश भर से नेता और कार्यकर्ता पहुंच रहे हैं. आने वाले दिनों में और भी कई बड़े आयोजन होने हैं जिसमें खुद पीसीसी चीफ कमलनाथ शामिल होंगे. कांग्रेस का दावा है इसके जरिए पार्टी अच्छी सोशल इंजीनियरिंग करने में कामयाब होगी और चुनाव जीतेगी. वहीं बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस पार्टी में संगठन के नाम पर सिर्फ फ्रेंचाइजी बांटने का काम किया जाता है.
मजदूर, सैनिक, आउटसोर्स कर्मचारियों पर भी फोकस
एमपी के चुनाव इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए ही बड़ी चुनौती हैं. कांग्रेस के प्रकोष्ठ प्रभारी जेपी धनोपिया का कहना है हम प्रकोष्ठ के माध्यम से सोशल इंजीनियरिंग कर रहे हैं. सफाई कर्मचारी, मजदूर, पंचायत परिवहन, शिक्षक, नगर सुरक्षा समितियों, पटेलों और समाज के अलग-अलग वर्गों को लेकर कार्यक्रम चल रहे हैं. आउटसोर्स प्रकोष्ठ, गुर्जर समाज, सैनिकों के कार्यक्रम की रूपरेखा भी बनी हुई है जो जल्द आयोजित होंगे. प्रकोष्ठों के माध्यम से हर वर्ग को साथ जोड़कर उनकी समस्याएं उठाएंगे. साथ ही जमीनी स्तर पर काम करके मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिए भी प्रयास जारी हैं.
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कांग्रेस का भगवान मालिक
कांग्रेस की सोशल इंजीनियरिंग के मेकर प्लान पर बीजेपी ने कहा कांग्रेस संगठन का भगवान ही मालिक है. उनकी कोई पद्धति संगठन नहीं है. हर प्रदेश में कांग्रेस की फ्रेंचाइजी दी जाती है. पार्टी प्रवक्ता गोविंद मालू ने कहा कांग्रेस के यहां संगठनों और पदों की कोई संख्या नहीं है. कांग्रेस में थोक में पद बांटे जाते हैं. हमारे यहां तय सीमा है. कांग्रेस अपने पदाधिकारियों और प्रकोष्ठों के जरिए जनता को भ्रम में डाल रही है और खुद भी भ्रम में रहती है. कांग्रेस में सिर्फ गांधी परिवार नेता है और वही फ्रेंचाइजी बांटते हैं.
चुनाव से पहले ज़ोर आजमाइश
मध्यप्रदेश में चुनाव को ध्यान में रखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह से लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश संगठन पूरी ताकत लगा रहा है. लगातार विभिन्न समाज और समुदाय वर्गों के सम्मेलन जारी हैं. इससे साफ है बीजेपी और कांग्रेस जनता को सीधे अपने साथ जोड़ने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती. आने वाले समय में पीएम मोदी और अमित शाह के दौरे मध्यप्रदेश में प्रस्तावित हैं तो वहीं कांग्रेस के लिए राहुल, प्रियंका गांधी समेत वरिष्ठ नेता जोर आजमाइश करते हुए नजर आएंगे.
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FIRST PUBLISHED : June 23, 2023, 12:42 IST






