
वेद प्रकाश/ऊधम सिंह नगर: हिन्दू धर्म के शास्त्रों में सावन के महीने को भगवान की शिव की पूजा के लिए सबसे पवित्र महीना माना जाता है. इस महीने में भक्त महादेव को खुश करने के लिए बेलपत्र, भांग, धतूरा सहित तमाम चीजों के साथ शिवलिंग का अभिषेक करते हैं.लेकिन शास्त्रों के अनुसार अगर भगवान शिव को शमी वृक्ष के फूल और पत्तियों के साथ नियमित रुप से शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जाए, तो भोलेनाथ बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं. भगवान शंकर अपने भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और उन भक्तों को सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं.
हिंदू पुराणों में बताया गया है कि शिवलिंग पर अभिषेक करते समय शमी वृक्ष के फूल और पत्तियां भगवान शंकर को अर्पित करने से वह जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपनी असीम कृपा भक्तों पर बनाए रखते हैं. वहीं भगवान शिव, माता दुर्गा, भगवान गणेश और भगवान शनि को प्रसन्न करने के लिए भी शमी वृक्ष की पूजा की जाती है.
घर में शमी का पौधा कहां लगाएं?
हिंदू धर्म में शमी का वृक्ष बहुत शुभ माना जाता है. इसलिए शमी का पेड़ घर के बाहर दाएं हाथ पर जमीन या गमले में लगाना चाहिए. अगर आप शमी का पौधा छत पर लगा रहे हैं, तो उसे दक्षिण दिशा में लगाना चाहिए. दक्षिण दिशा में सूर्य की रोशनी पर्याप्त नहीं पहुंचती है, तो इसे पूर्व दिशा में रखना चाहिए. शमी के पौधे को लगाते समय ध्यान रखना चाहिए कि पौधा जिस स्थान पर लगाया जा रहा है. उस स्थान पर नाली और कूड़ेदान न हो. शमी का वृक्ष बहुत शुभ माना जाता है, इसलिए हर रोज दीप प्रज्ज्वलित कर इसकी पूजा करनी चाहिए.
इस मंत्र के जाप से होगा लाभ
लोकल 18 से बातचीत करते हुए ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा निवासी पंडित अरुणेश मिश्रा ने बताया कि सावन के महीने में सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद भगवान शिव की मंदिर जाकर पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ मुंह करके तांबे के पत्र में गंगाजल चावल सफेद चंदन शमी का फूल और शमी की पत्तियों को मिलकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय ‘ऊं नमः शिवाय’ मंत्र का उच्चारण करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं. उन्होंने बताया कि शिवपुराण के अनुसार, भगवान शिव को शमी वृक्ष की फूल और पत्तियों को अर्पित करने से एक लाख बेलपत्र के बराबर का लाभ मिलता है. इससे भगवान शिव बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को सुख समृद्धि प्रदान करते हैं.
इस उपाय से दूर होगा कष्ट
पंडित अरुणेश मिश्रा ने आगे बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत के समय पांडवों ने अपने शस्त्र और अस्त्र शमी वृक्ष पर रख दिए थे. जिसके बाद पांडवों ने महाभारत के युद्ध में कौरवों पर विजय हासिल की थी. शमी वृक्ष की विधिवत पूजा पाठ करने से विजय श्री की प्राप्ति होती है. उन्होंने बताया कि शमी वृक्ष के नीचे सुबह शाम दीप प्रज्ज्वलित करना चाहिए और शमी वृक्ष की गिरी हुई पत्तियों को लाल कपड़े में बांधकर हमेशा के लिए अपने साथ रखने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और शत्रुओं से छुटकारा मिलता है.
(NOTE: इस खबर में दी गई सभी जानकारियां और तथ्य मान्यताओं के आधार पर हैं. LOCAL 18 किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं करता है.)
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FIRST PUBLISHED : June 23, 2023, 18:30 IST






