
कृष्ण कुमार/ नागौर. नागौर के महान शासक कहे जाने वाले अमरसिंह राठौड़ का पैनोरमा पिछले दो वर्षों के अधिक समय से बंद पड़ा है. राठौड़ के पेैनोरमा में मुख्य दरवाजा पर ताला लगा हुआ है. कला और संस्कृति विभाग की ओर से राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रान्नोति प्राधिकरण के सहयोग से वीर अमरसिंह राठौड़ का पैनोरमा का वर्ष 2017 में करीब 90 लाख की लागत से निर्माण करवाकर पर्यटन स्थल के रुप में विकसित किया गया था. लेकिन वर्ष 2020 से कोराना की आड़ में ताला लगा हुआ है.
दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी इस पैनोरमा को चालू नही किया गया है. जिसके चलते वीर अमरसिंह राठौड़ के पराक्रम व शौर्य गाथा तालों में बंद है. जबकि राज्य सरकार द्वारा सारे पर्यटन स्थल खोले जा चुके है. लेकिन नागौर के इस पर्यटन स्थल पर आज भी ताला लगा हुआ है.
पर्यटक व स्थानीय लोग रहे है वचिंत
वीर अमरसिंह राठौड़ का पैनोरमा बंद होने की वजह से लोगो ने आना बंद कर दिया. इस कारण से वीर अमरसिंंह राठौड़ के इतिहास व जीवनी से वचिंत हो रहे है. पैनोरमा के पास में ही अमरसिंह की छतरिया बनी हुई है. यहां पर पैनोरम को विकसित करने का उद्देश्य यही था कि लोगो को अमरसिंह की गाथाओं का पता चल सके और उनका पराक्रम के बारे में भी जान सके. पेनोरमा परिसर में वीर अमरसिंह राठौड़ पैनोरम में देखरेख की अभाव की वजह से धूल जम रही है. गौरतलब है कि सरकार द्वारा पहल की गई थी जिसमें संतो व महापुरुषों की प्रतिमाओ और उनकी गाथाओं को बताते हुऐ गैलरी की स्थापना की गई है लेकिन अब यह सब देखने के लिए लोगो को वचिंत रहना पड़ रहा है.
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FIRST PUBLISHED : June 23, 2023, 17:46 IST






