
नई दिल्ली. भारतीय फुटबॉल टीम ने सुनील छेत्री की कप्तानी में एक और ऐतिहासिक प्रदर्शन दिया है. इस टीम ने वो कर दिखाया जिसका इंतजार पिछले 46 साल से भारत के तमाम फुटबॉल प्रेमियों को था. भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में खेले गए इंटरकांटिनेंटल कप 2023 पर कब्जा जमाकर खिताब का सूखा खत्म किया. फाइनल में भारतीय फुटबॉल टीम ने लेबनान को 2-0 से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया.
पूरे टूर्नामेंट में टॉप फॉर्म में चल रहे कप्तान सुनील छेत्री की टीम ने फाइनल में भी जबरदस्त खेल दिखाया. लेबनान की टीम को एक भी गोल करने का मौका नहीं दिया और ट्रॉफी पर 2-0 की एकतरफा जीत के साथ कब्जा जमाया. साल 2021 में सैफ चैंपियनशिप जीतने के बाद भारतीय टीम ने पहली बार कोई ट्रॉफी हासिल की है. इंटरकांटिनेंटल कप के फाइनल में 106 फीफा रैंकिंग वाली भारतीय टीम ने अपने से बेहतर रैंकिंग 99 वाली टीम को हराया.
भारतीय फुटबॉल टीम को 46 साल बााद यानी 1977 के बाद पहली लेबनान के खिलाफ जीत मिली है. टीम के लिए शानदार गोल करते हुए फाइनल में टीम को जगह दिलाने वाले कप्तान सुनील छेत्री का जलवा फाइनल में भी देखने को मिली. लेबनान के खिलाफ फाइनल में एक गोल सुनील छेत्री ने किया जबकि दूसरा गोल लल्लियनज़ुआला छांगते ने किया.
भारत ने कुल दूसरी बार इंटरकांटिनेंटल कप हासिल किया है. इससे पहले साल 2018 में इंटरकांटिनेंटल कप के पहले एडिशन पर भी भारत ने कब्जा जमाया था. कप्तान सुनील छेत्री और लल्लिंजुआला छांगते के गोल के दम पर भारत ने इंटरकांटिनेंटल कप के फाइनल में रविवार को यहां लेबनान को 2-0 से शिकस्त दी. भारत ने दूसरी बार इस टूर्नामेंट को अपने नाम किया है। टीम ने 2018 में इसके शुरुआती सत्र के फाइनल में कीनिया को हराया था जबकि 2019 भारत चौथे और आखिरी स्थान पर रहा था. भारतीय खिलाड़ियों ने मैच में शुरुआत से दबदबा बनाया लेकिन गोल करने के मौके को भुनाने में नाकाम रहे.
सक्रिय खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गोल करने के मामले में तीसरे स्थान पर काबिज छेत्री ने मैच का दूसरा हाफ शुरू होते ही गोल दाग दिया जबकि इस गोल में मददगार की भूमिका निभाने वाले छांगते ने 66वें मिनट में टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया. दोनों टीमों ने इसके बाद कई और प्रयास किये लेकिन गोल करने में नाकाम रहे.
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Tags: Sunil chhetri
FIRST PUBLISHED : June 19, 2023, 05:45 IST






