माइनिंग के दौरान ब्लास्ट से मरे मजदूर का शव कब्र से निकाला, दोबारा हो रहा पोस्टमार्टम, जानें माजरा

रूपेश कुमार भगत/गुमला. गुमला में लोकल 18 की खबर का बड़ा असर हुआ है. बॉक्साइट खनन के दौरान ब्लास्टिंग की चपेट में आकर मारे गए गुलशन मुंडा के शव को मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में कब्र से निकला गया. अब दोबारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. पुलिस ने मामले में माइंस के मालिक सहित 5 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है.

बता दें कि बिशनपुर प्रखंड के गुरदरी थाना क्षेत्र के ऊपर पाठ जावाडीह बॉक्साइट माइंस में बॉक्साइट पत्थर निकालने के लिए गए 30 वर्षीय मजदूर गुलशन मुंडा की ब्लास्टिंग में दर्दनाक मौत हो गई थी. माइंस के प्रबंधक पर आरोप है कि आनन फानन में शव को लोहरदगा भेज दिया गया था. वहां सदर अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम हुआ था. इसके बाद शव परिजनों को सौंप गया. जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करा दिया गया.

माइंस प्रबंधक का कहना था कि मजदूर गुलशन की मौत पत्थर ले जाने के क्रम में ट्रक पलटने से हुई थी, जबकि ब्लास्टिंग के दौरान मौजूद मजदूरों का कहना था कि सुबह बॉक्साइट लोड करने के लिए हम लोग माइंस में गए थे. जहां हमारी गाड़ी के अलावा एक और गाड़ी लगी थी. दोनों गाड़ी के मजदूरों का काम देख रहे मुंशी ने बारूद व वायर ब्लास्टिंग से संबंधित अन्य सामग्री देकर ब्लास्ट करने के लिए भेजा. जिसके बाद ब्लास्टिंग के लिए 15 होल तैयार किए.

ब्लास्ट की चपेट में आ गया था गुलशन
मजदूरों ने बताया कि हम सभी ब्लास्टिंग वायर में माचिस मार कर दूर जाकर छुप गए, लेकिन ठीक से हम लोगों ने ब्लास्ट की गिनती नहीं सुन पाए और एक ब्लास्टिंग रह गया. जिसे देखने गुलशन मुंडा गया. जैसे ही उक्त स्थल पर पहुंचा ब्लास्ट कर गया. मौके पर ही गुलशन मर गया. इसकी जानकारी हम लोगों ने मुंशी को दी. मुंशी ने तुरंत प्रबंधक को घटना की जानकारी दी. जिसके बाद सभी लोगों को ट्रक में बैठा कर लोहरदगा ले जाया गया, जिसके बाद माइंस के मालिकों द्वारा हम लोगों को अस्पताल के अंदर जाने से मना कर दिया गया और वहां शव का पोस्टमार्टम कराया गया. बता दें कि लोकल 18 पर यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया.

पुलिस ने शुरू की जांच
गुमला एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल ने बताया कि मीडिया के माध्यम से प्रशासन को सूचना मिली थी कि बिशनपुर के जावाडीह बॉक्साइट माइंस में बॉक्साइट निकालने से पहले किए गए विस्फोट की चपेट में आने से गुलशन मुंडा की मौत हुई है. इसके बाद पुलिस के द्वारा मामले की छानबीन शुरू की गई. उन्होंने कहा कि शव को कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

छुपाई जा रही थी वजह
इधर, मजदूरों से पूछताछ के बाद बॉक्साइट माइंस ऑनर विकास सिंह, मुंशी गुड्डू मुंडा, फोरमैन साबिर हुसैन एवं माइनिंग गेट मैनेजर सहित 5 पर केस दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार, यहां बिना लाइसेंस के अप्रशिक्षित मजदूरों से ब्लास्टिंग कराई जा रही थी. मौत के सही कारण को छुपा कर सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई. दर्ज केस में इन सभी बातों का जिक्र किया गया है.

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Author: Jagran Times

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