Cyclone Biporjoy: गुजरात तट से कितना दूर है बिपरजॉय, कब और कहां होगी टक्कर, क्या रहेगी हवा की रफ्तार, जानें तूफान को लेकर सबकुछ


जखौ (गुजरात): महातूफान बिपरजॉय गुजरात से लेकर पाकिस्तान तक अपना असर दिखाने को बेताब है. चक्रवात बिपारजॉय गुजरात तट से करीब 200 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है. अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात के बृहस्पतिवार शाम तक गुजरात तट से टकराने और क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की आशंका के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों से 74,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है. प्रशासन ने कच्छ जिले में समुद्र तट से शून्य से 10 किलोमीटर के बीच स्थित लगभग 120 गांवों के लोगों को सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित किया है. पूर्वानुमान के मुताबिक, आज शाम 4 से 5 बजे के बीच लैंडफॉल करेगा. फिलहाल, साइक्लोन की गति इस वक्त करीब 7 किलोमीटर प्रति घंटा है,.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बिपारजॉय के अधिकतम 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ एक ‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान (वीएससीएस)’ के रूप में जखौ बंदरगाह के पास टकराने का अनुमान है. आईएमडी ने कहा कि इस शक्तिशाली तूफान के गुजरात तट के पास पहुंचने के साथ ही कच्छ, देवभूमि द्वारका और जामनगर जिले में छिटपुट स्थानों पर बारिश की तीव्रता बढ़ जाएगी.

आईएमडी ने चक्रवात पर अपनी अद्यतन जानकारी में कहा, ‘उत्तर-पूर्व अरब सागर के ऊपर मौजूद वीएससीएस बिपारजॉय 14 जून 2023 को भारतीय समयानुसार रात ढाई बजे जखौ बंदरगाह से 200 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में था. 15 जून की शाम तक यह जखौ बंदरगाह के पास सौराष्ट्र और कच्छ तथा निकटवर्ती मांडवी एवं कराची के बीच स्थित पाकिस्तान तट से गुजरेगा.’

Cyclone Biparjoy Live: तबाही मचाने आ रहा है बिपरजॉय, कच्छ-सौराष्ट्र में सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका, सेना स्टैंड बाय पर

गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि कच्छ जिले में तट से शून्य से पांच किलोमीटर की दूरी में 72 गांव, जबकि तट से पांच से 10 किलोमीटर के दायरे में 48 गांव स्थित हैं. मंत्री ने कहा, ‘हमने इन तटीय गांवों से लगभग 40,000 लोगों को निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया है.’ गुजरात सरकार ने बताया कि अब तक आठ तटीय जिलों-कच्छ, जामनगर, मोरबी, राजकोट, देवभूमि द्वारका, जूनागढ़, पोरबंदर और गिर सोमनाथ में 74,345 लोगों को अस्थायी आश्रय शिविरों में ले जाया गया है.

सरकार के मुताबिक, एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की 15 टीम, एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की 12 टीम, राज्य सड़क एवं भवन विभाग की 115 टीम और राज्य बिजली विभाग की 397 टीम विभिन्न तटीय जिलों में तैनात की गई हैं. अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अलावा, एनडीआरएफ की चार टीम और एसडीआरएफ, सेना, तटरक्षक बल तथा बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) की पांच टीम चक्रवात के बाद राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैयार हैं.

उन्होंने कहा कि चक्रवात के बाद के काम जैसे बिजली आपूर्ति, मोबाइल नेटवर्क और अन्य बुनियादी ढांचे की बहाली के लिए हमने विस्तृत व्यवस्था की है. इस बीच, देवभूमि द्वारका के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर और गिर सोमनाथ के सोमनाथ मंदिर को बृहस्पतिवार को दर्शनार्थियों के लिए बंद रखने का फैसला किया गया है. आईएमडी ने कहा कि चक्रवात की दस्तक के दौरान समुद्र में खगोलीय ज्वार से लगभग दो-तीन मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठने के कारण प्रभावित जिलों के निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना है.

विभाग के अनुसार, कुछ जगहों पर तीन से छह मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं. बिपारजॉय मई 2021 में ‘तौकते’ के बाद गुजरात में आने वाला दूसरा चक्रवाती तूफान है. पश्चिम रेलवे ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियात के तौर पर 76 ट्रेन को रद्द कर दिया गया है, जबकि 36 को बीच रास्ते में समाप्त कर दिया गया है और 31 को चुनिंदा स्टेशन पर संचालित करने का फैसला लिया गया है.

Tags: Cyclone Biparjoy, Cyclone in Gujarat, Gujarat

Source link

Jagran Times
Author: Jagran Times

Leave a Comment

Read More