
शशिकांत ओझा/पलामू. झारखंड के पलामू के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है. यहां की बेटियां शिक्षा से लेकर खेल तक में जिले का मान बढ़ा रही हैं. हाल ही में बिहार पब्लिस सर्विस कमीशन यानी बीपीएससी के द्वारा प्रकाशित हुए असिस्टेंट सैनिटरी एंड वेस्ट मैनेजमेंट ऑफिसर की परीक्षा परिणाम में पलामू की नगमा खान ने कामयाबी हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है.
पलामू के हैदरनगर के जवाहर पथ की रहने वाली नगमा खान ने बिहार लोक सेवा आयोग के द्वारा असिस्टेंट पब्लिक सेनेटरी और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट ऑफिसर प्रतियोगिता परीक्षा (एपीएसडब्ल्यूएमओ) में सामान्य वर्ग में 24वां रैंक हासिल किया है. महिला श्रेणी में नगमा पहले स्थान पर रही हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और सेल्फ स्टडी को दिया है.
साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली नगमा ने पिता के देहांत के बाद उनके सपने को पूरा करने के लिए घर पर रह कर ही सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी शुरू की. नगमा के पिता मोहम्मद जफर खान घर से ही छोटी सी परचून की दुकान चलाते थे. किडनी इन्फेक्शन के कारण वर्ष 2020 में उनकी मौत हो गई थी. इसके बाद घर-परिवार की स्थिति बिगड़ गई. ऐसे में नगमा ने पिता के अधूरे सपने को पूरा करने की ठानी और जी-जान से सिविल सर्विस की पढ़ाई शुरू की. सीमित संसाधन के साथ घर से ही उसने पढ़ाई करना शुरू की. प्रारंभिक दौर में प्रैक्टिस सेट और ऑनलाइन फ्री क्लास करने लगी.
नगमा ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा हैदारनगर स्थित निजी स्कूल में हुई. वर्ष 2012 में हैदरनगर गर्ल्स हाई स्कूल से मैट्रिक और 2014 में हैदरनगर प्लस टू हाई स्कूल से बारहवीं पास की. वहीं, वर्ष 2018 में ए.के सिंह डिग्री कॉलेज से बीएससी केमेस्ट्री से पढ़ाई की है. नगमा की शुरुआत से ही पढ़ाई-लिखाई में रुचि है.
नगमा ने न्यूज़ 18 लोकल को बताया कि उनकी सफलता से परिवार में काफी खुशी का माहौल है. आर्थिक तंगी के बावजूद मुझे घर का पूरा सपोर्ट रहा. घर के काम करने के साथ-साथ मैं रोजना 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थी. साथ ही, प्रैक्टिस सेट ज्यादा सॉल्व करती थी. यूट्यूब पर फ्री क्लास से अपने डाउट क्लियर करती थी. 67वीं बीपीएससी की प्री-परीक्षा पहले बार में ही सफल कर चुकी है. अब उन्हें मेंस की परीक्षा परिणाम का इंतजार है. नगमा का सपना यूपीएससी क्रैक करने का है. उन्होंने कहा कि मेरी सफलता के पीछे मेरे भाइयों का भी बड़ा योगदान है. जब भी वो परेशान होती, तो भाई आकिब जावेद उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे.
नगमा ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों से कहा कि सफलता पाने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करनी चाहिए. तैयारी के दौरान नकारात्मक भाव को नहीं आने देना चाहिए.
नगमा के भाई आकिब जावेद हैदरनगर में ही चॉकलेट की दुकान चलाते हैं. उससे ही घर चलता है. उन्होंने नगमा की सफलता पर कहा कि मेरी बहन ने मेरा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है. नगमा की सफलता पूरे जिले की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी है.
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FIRST PUBLISHED : June 11, 2023, 09:27 IST









