
शक्ति सिंह/कोटा. आम तौर पर देश के सभी मंदिरों में सुबह-शाम नियमित रूप से पूजा-पाठ होते हैं. भक्त भगवान से अपने दुख-दर्द हरने की प्रार्थना करते हैं. लेकिन, राजस्थान के कोटा के सबसे बड़े श्रीराम मंदिर में पूजा-पाठ के साथ रोगियों का उपचार भी किया जाता है. शहर के स्टेशन इलाके में स्थित श्रीराम मंदिर में 30 से अधिक डॉक्टर अपनी नि:शुल्क सेवाएं देते हैं और यहां आने वाले लोगों का इलाज करते हैं. यह सभी डॉक्टर नियमित रूप से एक से दो घंटे मंदिर में लोगों का इलाज करते हैं. कई डॉक्टर हफ्ते में दो या तीन दिन, तो कई डॉक्टर प्रतिदिन आते हैं.
आजादी से पहले के इस श्रीराम मंदिर में चिकित्सा की शुरुआत एक कमरे से की गई थी. जो अब धीरे-धीरे अब अस्पताल जैसी बन चुकी है. आयुर्वेद के डॉक्टर भी मंदिर में आए भक्तों और मरीजों का नि:शुल्क उपचार करते हैं. यहां पर कई तरीके की अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं. मंदिर में किसी भी जाति या धर्म का मरीज आ कर अपना इलाज करवा सकता है. यहां बड़ी संख्या में अलग-अलग धर्मों के लोग उपचार के लिए आते हैं.
1990 में मंदिर में हुई थी इलाज की शुरुआत
श्रीराम मंदिर के चिकित्सा मंत्री अर्जुन सिंह चंदेल ने बताया कि मंदिर में चिकित्सा की शुरुआत वर्ष 1990 में हुई थी. जिसके बाद धीरे-धीरे यहां पर डॉक्टर बढ़ते जा रहे हैं. यह डॉक्टर मरीजों का नि:शुल्क इलाज करते हैं. यहां पर आने वाले सभी डॉक्टर स्पेशलिस्ट हैं. वो अपने बिजी शेड्यूल में से एक से दो घंटा श्रीराम मंदिर में आकर मरीजों का मुफ्त इलाज करते हैं. जबकि, कई डॉक्टर तो ऐसे हैं, जो यहां पर 15-20 साल से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
इस मंदिर में मरीजों के लिए सभी प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध जाती है. इसमें ईसीजी, एक्स-रे, सोनोग्राफी आदि जाच शामिल है. यहां फिजीशियन, ईएनटी, आई स्पेशलिस्ट, डेंटिस्ट और भी कई तरह के विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी नि:शुल्क सेवाएं देते हैं.
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FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 15:03 IST









