
हाइलाइट्स
फिएट भारत में अपने डीजल इंजन के वजह से पाॅपुलर हुई थी.
भारत में कंपनी टाटा और मारुति जैसी कंपनियों के लिए इंजन बनाती थी.
बीएस-6 के वजह से कंपनी ने डीजल इंजन का उत्पादन बंद कर दिया.
नई दिल्ली. एक कार के सभी उपकरण कंपनी खुद नहीं बनाती. दरअसल, कार में लगने वाले कई उपकरण अलग-अलग निर्माताओं से खरीदे जाते हैं, जो कंपनी के क्वालिटी स्टैंडर्ड्स के अनुसार बने होते हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि कंपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट में लगने वाले समय की बचत करके कार बनाने में ध्यान दे सके. इससे कार कंपनियां नए मॉडलों को लॉन्च करने में ज्यादा ध्यान दे पाती हैं. भारत में कई कार कंपनियों ने इंजन के लिए के लिए दूसरी कंपनियों से टाईअप किया जिसके चलते आज वो सफलता की राह पर हैं. हालांकि एक कंपनी ऐसी भी है जिसने अपने इंजन से दो बड़ी कार कंपनियों की किस्मत बदल दी लेकिन खुद मार्केट से बाहर हो गई.
हम बात कर रहे हैं कार निर्माता फिएट की जिसके मल्टीजेट डीजल इंजन भारत समेत कई देशों में खूब लोकप्रिय हुए, लेकिन कंपनी खुद भारी नुकसान के वजह से भारतीय बाजार से आउट हो गई. फिएट ने 1997 में भारत में कदम रख था लेकिन कंपनी की किस्मत उस समय बदली जब 2007 में कंपनी ने भारतीय बाजार में मौजूद अन्य कंपनियों के लिए इंजन बनाना शुरू कर दिया.
इस इंजन का चल गया था जादू
साल 2007 में मारुति ने स्विफ्ट हैचबैक को लॉन्च किया था. इस कार में कंपनी फिएट से लिए गए 1.3-लीटर मल्टीजेट डीजल इंजन का इस्तेमाल कर रही थी. बता दें कि इस इंजन को परफॉरमेंस, माइलेज और भरोसे के लिहाज से भारतीय ग्राहकों ने खूब पसंद किया और देखते ही देखते मारुति स्विफ्ट बाजार में हिट हो गई. आज भी स्विफ्ट मारुति की टॉप सेलिंग मॉडलों में से एक है और इसका श्रेय फिएट को जाता है.
मारुति के अलावा टाटा मोटर्स भी फिएट के डीजल इंजन के एक और बड़ी ग्राहक थी. कंपनी विस्टा, जेस्ट, बोल्ट और मांजा जैसे मॉडलों में 1.3-लीटर मल्टीजेट डीजल इंजन का इस्तेमाल कर रही थी. इस वजह से टाटा मोटर्स के इन मॉडलों को भी ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली. वहीं फिएट की बात करें तो कंपनी पुंटो और लिएना जैसे मॉडलों में इस इंजन का इस्तेमाल कर रही थी.
क्यों फेल हुई फिएट
हालांकि फिएट के इंजन चल रहे थे लेकिन कार निर्माता खुद अपनी कारों में इनोवेशन की कमी का सामना कर रही थी. बाजार में फिएट के मॉडल्स काफी पुराने हो चुके थे. फिएट ने भारत में 15 सालों में केवल 5 मॉडल्स ही लॉन्च किये थे जिनमें से कुछ मॉडल्स कम बिक्री के चलते पहले ही बंद हो चुके थे. एक अनुमान के मुताबिक, भारत में फिएट 1.3-लीटर मल्टीजेट इंजन के 9 लाख यूनिट बेच चुकी थी.
हालांकि फिएट के लिए सबसे बड़ी परेशानी उस वक्त खड़ी हुई जब भारत सरकार ने देश में उत्सर्जन नियमों (Emission Norms) को सख्त करना शुरू कर दिया. इस वजह से छोटी कारों में डीजल इंजन को अपडेट करना महंगा साबित होने लगा. इसके बाद मारुति और टाटा समेत कई कंपनियों ने 1.3-लीटर डीजल इंजन मॉडलों से किनारा कर लिया और फिएट को भारत में कई कंपनियों से अपनी पार्टनरशिप तोड़नी पड़ी. इसके बाद फिएट ने भारत से अपना कारोबार समेट लिया. फिएट ने अपना आखिरी इंजन 23 जनवरी, 2020 को रंजनगांव, पुणे में बनाया था.
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Tags: Auto News, Cars, Maruti Suzuki, Tata Motors
FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 16:03 IST








