
हाइलाइट्स
हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक कालाष्टमी व्रत रखा जाता है.
काशी कोतवाल कहे जाने वाले काल भैरव अपने भक्तों की दुश्मनों से रक्षा करते हैं.
आज 10 जून शनिवार को आषाढ़ माह का मासिक कालाष्टमी व्रत है. हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक कालाष्टमी व्रत रखा जाता है. इस व्रत में रुद्रावतार काल भैरव की पूजा करते हैं. काल भैरव एक रक्षक हैं. उनकी पूजा से हर प्रकार के भय का नाश होता है. रोग और दोष मिट जाते हैं. काशी कोतवाल कहे जाने वाले काल भैरव अपने भक्तों की दुश्मनों से रक्षा करते हैं. मासिक कालाष्टमी के दिन कुछ आसान ज्योतिष उपायों को करने से लाभ होता है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं मासिक कालाष्टमी व्रत की तिथि, पूजा मुहूर्त और उपाय के बारे में.
आषाढ़ मासिक कालाष्टमी व्रत 2023 तिथि
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आज 10 जून शनिवार को दोपहर 02 बजकर 01 मिनट से लग रही है और इस तिथि का समापन कल 11 जून रविवार को दोपहर 12 बजकर 05 मिनट पर होगा. काल भैरव की पूजा अष्टमी तिथि में रात्रि प्रहर में करते हैं, इसलिए मासिक कालाष्टमी व्रत आज 10 जून को है.
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प्रीति और रवि योग में मासिक कालाष्टमी व्रत
आज का मासिक कालाष्टमी व्रत दो शुभ योग में है. आज रवि योग और प्रीति योग बना है. रवि योग सुबह 05 बजकर 23 मिनट से दोपहर 03 बजकर 39 मिनट तक है. वहीं प्रीति योग दोपहर 12 बजकर 49 मिनट से शुरू होगा, जो कल तक रहेगा.
मासिक कालाष्टमी 2023 निशिता मुहूर्त
जो लोग मासिक कालाष्टमी व्रत की पूजा निशिता मुहूर्त में करना चाहते हैं, वे रात में 12 बजे से लेकर देर रात 12 बजकर 41 मिनट के बीच काल भैरव की पूजा कर सकते हैं. इस मुहूर्त में शुभ-उत्तम समय रात 12 बजकर 20 मिनट से देर रात 01 बजकर 36 मिनट तक है. निशिता मुहूर्त में तंत्र-मंत्र की सिद्धि की जाती है.
काल भैरव को प्रसन्न करने का उपाय
1. कालाष्टमी की रात निशिता मुहूर्त में भैरव बाबा के मंदिर जाएं. वहां पर उनके लिए सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं. नीले फूल, सिंदूर, तेल आदि चढ़ाएं. दही और गुड़ का भोग लगाएं. ऐसा करने से आप पर काल भैरव की कृपा होगी. वे आपकी रक्षा करेंगे.
2. आज शनिवार को कालाष्टमी व्रत है. आज रात सरसों के तेल में पकौड़ा, पुआ, पापड़ आदि बनाएं. फिर कल रविवार सुबह में ये पकवान गरीबों में बांट दें. काल भैरव के अशीर्वाद से आपके सभी रोग, दोष और कष्ट मिट जाएंगे.
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3. आज कालाष्टमी के निशिता मुहूर्त में काल भैरव के मंत्र ओम ऐं क्लीं क्लीं क्लूं स: वं ह्रां ह्रीं ह्रूं आपदउद्धारणाय अजामल बद्धाय लोकेश्वराय स्वर्ण शांति धन धान्य आकर्षणाय सर्व ऋण रोगादि निवारणाय ह्रीं ओम कालभैरवाय नम: का जाप रुद्राक्ष माला से 108 बार करें. इसके प्रभाव से ग्रह दोष, अकाल मृत्यु या ग्रह बाधा दूर हो जाएगा.
इस मंत्र के जाप से व्यक्ति कर्ज मुक्त होकर सुखी जीवन व्यतीत करता है. इस मंत्र जाप से परिवार की सुख और समृद्धि बढ़ती है.
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Tags: Dharma Aastha, Religion
FIRST PUBLISHED : June 10, 2023, 06:30 IST









