क्या है नए 'चांद' की सच्चाई, हमारे चंद्रमा के आगे ‘कितने पानी में’ है ये?

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हाल ही में वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि पृथ्वी का एक और चंद्रमा है जो वास्तव में अर्ध चंद्रमा कहा जा सकता है. इस तरह के पिंड ऐसे अंतरिक्षीय चट्टान होती हैं जो पृथ्वी का चक्कर लगाते हैं और गुरुत्वाकर्षण तौर पर सूर्य से बंधे होते हैं. इस तरह का यह हमारे सौरमंडल में अकेला नहीं है और ना ही यह पृथ्वी का अकेला अर्ध उपग्रह है. दिलचस्प बात यह है कि इस तरह के और भी पिंड हमारी पृथ्वी के पास हो सकते हैं, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि जो स्थान हमारे चंद्रमा का है वह किसी और पिंड का नहीं हो सकता और कोई भी पिंड चंद्रमा के आसपास भी नहीं टिकता है.

हमेशा नहीं था पृथ्वी के पास
वैज्ञानिकों ने 2023 FW13 की पहचान हवाई के हालेआकाला ज्वालामुखी के शीर्ष पर स्थित पैन- STARRS टेलीस्कोप का उपयोग कर की है. वैज्ञानिकों का मानना है क यह खगोलीय पिंडपृथ्वी के पास हमेशा से नहीं था और यह करीब 100 ईसा पूर्व से यहां आया है और इसके अगले 1500 साल और यानि 3700 ईसवी तक रहने की संभावना है.

क्षुद्रग्रह से अलग
इसके अलावा पृथ्वी के एक और अर्ध चंद्रमा 469219 कामो ओआलेवा भी है पृथ्वी के पास है लेकिन दोनों ही अर्ध चंद्रमा फिलहाल पृथ्वी के लिए किसी तरह का खतरा नहीं है. अर्ध चंद्रमा या अर्ध ग्रह क्षुद्रग्रह से इसलिए भी अलग होते हैं. उनके पृथ्वी पर टकराने की संभावना नहीं होती है. वहीं क्षुद्रग्रह के पृथ्वी से टकराने की संभावना बनी रहती है.

पूरी तरह से उपग्रह क्यों नहीं
अर्ध उपग्रह प्रायः कक्षा में विचरण करते है और पृथ्वी के उपग्रह चंद्रमा की कक्षा की तरह ही उनकी भी कक्षा होती है. लेकिन ऐसे में सवाल यह है कि क्या यह पिंड पृथ्वी की उपग्रह क्यों नहीं कहे गए हैं तो इसकी सबसे बड़ी वजह यही है कि जहां उपग्रह पृथ्वी के गुरुत्व से जुड़ा होता है, वहीं अर्ध उपग्रह पृथ्वी की जगह सूर्य के गुरुत्व से बंधे होते हैं.

पृथ्वी का असर नहीं
2023 FW13 चंद्रमा से काफी अलग है क्योंकि यह चंद्रमा की कक्षा से दूर पृथ्वी के हिल स्फियर के बाहर रहता है. यह वह इलाका है जहां तक ग्रह उपग्रहों को अपने गुरुत्व के प्रभाव में रख सकते हैं. पृथ्वी का हिल स्फीयर 15 लाख किलोमीटर की त्रिज्या वाला गोला है. जबकि 2023 FW13 और पृथ्वी के बीच की दूरी 25.75 लाख किलोमीटर है.

पृथ्वी से जुड़ाव एक संयोग?
यह दूरी करीब 0.18 खगोलीय ईकाई की दूरी पर पृथ्वी का 2023 FW13 के गति पर बहुत ही नगण्य प्रभाव होता है. इसका मतलब यही हुआ कि उसका पृथ्वी से जुड़ने संयोग के अलावा कुछ और नहीं हो सकता है. इसकी खोज इस साल 28 मार्च को PanSTARRS टेलीस्कोप की मदद से हुई थी. जिसके अस्तित्व की बहुत सारे दूसरे टेलीस्कोप से हुई थी.

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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