Opinion: मणिपुर में एक्शन में गृहमंत्री अमित शाह, लगातार कर रहे बैठकें और मुलाकात, मामले का हल निकालने को लेकर गंभीर

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हाइलाइट्स

अमित शाह के पहुंचने के साथ ही बैठकों का दौर शुरू हो गया, शुरुआत मणिपुर की स्थिति की समीक्षा से हुई.
मुलाकातों का दौर दूसरे दिन भी जारी रहा, लेकिन अब बारी थी विभिन्न समुदायों के नुमाइंदों से मुलाकात की.
दौरे के तीसरे दिन गृहमंत्री इंडो-म्यांमार बॉर्डर पर मोरेह जा रहे हैं, वहां वह स्थानीय लोगों के साथ वार्ता करेंगे.

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार 29 मई को रात इंफाल पहुंचे. पहुंचने के साथ ही बैठकों का दौर शुरू हो गया. बैठकों की शुरुआत मणिपुर की स्थिति की समीक्षा से हुई. इंफाल में अमित शाह ने राज्य के शीर्ष अधिकारियों और वहां के प्रमुख नेताओं के साथ वहां की स्थिति पर लंबी बैठक की. इसके बाद मणिपुर के हालात पर मणिपुर की राज्यपाल अनसुइया उइके से मुलाकात और चर्चा की. महीने भर से जारी मणिपुर की हिंसा के कारण कई लोगों की मौत हुई है और कई लोगों को अपने इलाकों से विस्थापित होना पड़ा है. लेकिन नार्थ ईस्ट के राज्यों में शांति-व्यवस्था बनए रखना और उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाना पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की प्राथमिकताओं में से एक है. इस हिंसा के बीच अमित शाह का जाना साबित कर रहा है कि इस घटना को केंद्र सरकार ने कितनी गंभीरता से लिया है.

मुलाकातों का दौर दूसरे दिन भी जारी रहा. लेकिन अब बारी थी विभिन्न समुदायों के नुमाइंदों से मुलाकात करने और चर्चा की. दौरे के दूसरे दिन यानी 30 मई को गृहमंत्री अमित शाह ने मैतई समुदाय की महिलाओं के ग्रुप के साथ चर्चा की. उसके बाद वहां की सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन के साथ बैठक की. फिर इंफाल में मैतई समुदाय के प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों के साथ वार्ता की. इसके बाद गृहमंत्री मणिपुर के चुराचांदपुर पहुंचे और वहां कुकी समुदाय के गणमान्य व्यक्तियों के साथ चर्चा की. अमित शाह की वहां की सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन के लोगों के साथ भी वार्ता हुई. गृहमंत्री जानते हैं कि शांति बहाली और उसे बरकरार रखने में इन विशिष्ट लोगों की कितनी भूमिका होती है.

राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ चर्चा
गृहमंत्री अमित शाह दोपहर बाद इंफाल वापस आए और वहां विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ चर्चा की. शाम को गृहमंत्री ने पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों व सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मणिपुर की सुरक्षा पर समीक्षा बैठक की. फिर देर रात बीजेपी के साथ राज्य की सत्ता में शामिल एनडीए के विधायकों के साथ बैठक की. मुद्दा एक ही रहा, चाहे कारण जो भी हो, लेकिन राज्य में शांति बरकरार रखना सबकी जिम्मेदारी है.

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ड्रग्स तस्करों का हाथ होने की भी आशंका
इसे जातीय संघर्ष का नाम भले ही दिया जा रहा हो, लेकिन वहां की हिंसा के पीछे और भी मुद्दे हो सकते हैं. मोदी के निर्देशानुसार एन बीरेन सिंह सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ जंग छेड़ रखी है. ये इलाका ड्रग्स की तस्करी के सुनहरी चतुर्भुज का एक महत्वपूर्ण लिंक है. सूत्रों के मुताबिक बैकफुट पर पहुंचे ड्रग्स के तस्करों का हाथ होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. साथ ही भारत से लगी अपनी दूसरी सीमाओं पर खामोश बैठा चीन भी एक नया मोर्चा खोल भारत को परेशान करने का तरीका भी ढूंढ रहा होगा. इसलिए इस लड़ाई को विशेष रणनीति से ही लड़ना होगा. तभी तो गृहमंत्री ने तीन दिनों से डेरा डाला हुआ है.

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 इंडो-म्यांमार बॉर्डर पर मोरेह जाएंगे शाह
अपने दौरे के तीसरे दिन केंद्रीय गृहमंत्री इंडो-म्यांमार बॉर्डर पर मोरेह जा रहे हैं. वहां वह स्थानीय लोगों के साथ वार्ता करेंगे. कंगपोकपी में सिविल सोसाइटी के लोगों के साथ चर्चा करेंगे. तमाम स्टेक होल्डरों की राय जानने के बाद अमित शाह मुख्यमंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों, अर्धसैनिक बलों और सेना के प्रमुख अधिकारियों के साथ सुरक्षा पर समीक्षा करेंगे.

Tags: Home Minister Amit Shah, Manipur violence, Manipur violence update

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Author: Up Head Line

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