किस तरह का ग्रह है भारतीय वैज्ञानिकों का खोजा गया Hot Jupiter?

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अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारतीय और भारतीय मूल के लोग खासा योगदान दे रहे हैं और काफी संख्या में सक्रिय हैं. पिछले कुछ समय से भारतीय वैज्ञानिकों का खोगलीय और अंतरिक्षीय शोधकार्यों में योगदान और दखल दोनों ही बढ़ता दिखाई दे रहा है. हाल ही में इसकी एक और मिसाल दिखी जब अंतराराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की टीम की अगुआई भारत के अहमदाबाद की फिजिकल रिसर्च लैबोरेटी के प्रोफेसर अभिजीत चक्रवर्ती ने की जिसने एक नया गर्म गुरु ग्रह श्रेणी का अनोखा बाह्यग्रह खोजा है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान इसरो ने बताया कि यह खोज अन्य बाह्यग्रहों की खोज से अलग है क्योंकि ग्रह का आकार सामान्य से बहुत बड़ा और तारे का आकार सामान्यतया भूरे बौनों से छोटा है.

सबसे घना बाह्यग्रह
यह अब तक का खोजा गया सबसे घना बाह्यग्रह माना जा रहा है. इसकी विस्तृत जानकारी जर्नल एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स लैटर्स में प्रकाशित हुई हैं. यह भारत से और पीआरएल के वैज्ञानिकों का खोजा गया तीसरा बाह्यग्रह है. शोधकर्ताओं में भारतीय वैज्ञानिकों के अलावा जर्मनी, स्विट्जरलैंड और अमेरिका के वैज्ञानिक शामिल थे.

भार का सटीक मापन
शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए भारत के पीआरएल द्वारा उन्नत रेडियल-वेलोसिटी अबहु स्काई रिसर्च स्पैक्ट्रोग्राफ (पारस) उपकरण का उपयोग किया जो कि माउंट आबु स्थिति गरुशिखर वेधशाला में स्थापित है. इसके जरिए उन्होंने ग्रह के भार का सटीक मापन किया जिससे उसका घनत्व 14 ग्राम प्रति घन सेमी पाया गया.

पहले अज्ञात पिंड माना जा रहा था
यह नया खोजा गया ग्रह TOI4603 या HD 2451340 तारे का चक्कर लगा रहा है. नासा के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (टेस) ने इस तारे को एक अज्ञात प्रकृति के पिंड के बड़े साथी के रूप में घोषित किया था. अब इस अज्ञात पिंड की ग्रह के रूप में पहचान हो गई है जिसे TOI 4603b या HD 245134b नाम दिया गया है.

इसरो ने बताया क्यों अलग है ग्रह
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान इसरो ने अपनी प्रेस रिलीज में कहा है कि यह खोज दूसरे ग्रहों की खोज से बहुत अलग है क्योंकि यह तंत्र एक ट्राजीशन मास रेंज वाले विशाल ग्रहों और हलके भार वाले भूरे बौने तारों की श्रेणी में आता है. इन ग्रहों का भार गुरु ग्रह के भार से करीब 11 से 16 गुना ज्यादा होता है. अभी पांच से भी कम बाह्यग्रह इस भार श्रेणी में आ सके हैं.

Tags: India, Jupiter, Research, Solar system, Space

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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