किम जोंग के लिए शर्मिंदगी, उत्तर कोरिया का पहला स्पाई सैटेलाइट हुआ नाकाम, जानिए क्या था मकसद

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सियोल. उत्तर कोरिया ने कहा कि देश के पहले जासूसी उपग्रह ‘स्पेस लॉन्च व्हीकल’ को कक्षा में स्थापित करने की उसकी कोशिश बुधवार को विफल हो गई. संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाने की कवायद के मद्देनजर किम जोंग उन के लिए यह एक स्पष्ट शर्मिंदगी वाला समय है.

इससे पहले, दक्षिण कोरिया की सेना ने जानकारी दी थी कि उत्तर कोरिया ने दावे के मुताबिक अपना पहला सैन्य जासूसी उपग्रह (स्पेस लॉन्च व्हीकल) प्रक्षेपित कर दिया है. इससे सियोल में कुछ समय के लिए भ्रम की स्थिति भी पैदा हो गई क्योंकि गलती से शहर को खाली करने की चेतावनी जारी कर दी गई थी. उत्तर कोरिया ने इस प्रकार की क्षमताओं को अपने प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया और अमेरिका के सैन्य अभ्यासों पर नजर रखने के लिए अहम बताया है.

उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया के अनुसार, देश के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी री प्योंग चोल ने अमेरिका एवं दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास की निंदा की. प्योंगयांग लंबे समय से यह कहता रहा है कि ये उस पर हमले का अभ्यास है.

री ने कहा कि उत्तर कोरिया अंतरिक्ष-आधारित टोही उपग्रह को ‘अमेरिका और उसके अधीन बलों के खतरनाक सैन्य कृत्यों’ की निगरानी के लिए ‘अपरिहार्य’ मानता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और दक्षिण कोरिया ‘आक्रमण की अपनी अविवेकपूर्ण महत्वाकांक्षा को खुले तौर पर प्रकट कर रहे हैं.’

उत्तर कोरिया 2022 की शुरुआत से करीब 100 मिसाइलों का परीक्षण कर चुका है, जिनमें अमेरिकी मुख्य भूमि तक पहुंचने में सक्षम अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल और कई अन्य प्रक्षेपण भी शामिल हैं, जिन्हें उसने दक्षिण कोरिया को निशाना बनाकर किए जाने वाले नकली परमाणु हमलों के रूप में वर्णित किया है.

री ने कहा कि अमेरिका-दक्षिण कोरियाई सैन्य अभ्यास का विस्तार, दक्षिण कोरिया में परमाणु-सक्षम पनडुब्बियों को भेजने की अमेरिक की कथित योजनाएं और क्षेत्र में अमेरिकी टोही विमानों की बढ़ती गतिविधियां उत्तर कोरिया के खिलाफ अग्रिम सैन्य कार्रवाई की तैयारी की ‘भयानक मंशा’ को रेखांकित करती हैं.

अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपने इन नियमित अभ्यासों को रक्षात्मक प्रकृति का करार दिया है, लेकिन उन्होंने उत्तर कोरिया के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए 2022 से अपने प्रशिक्षणों में विस्तार किया है.

Tags: North Korea, South korea, United States

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Author: Up Head Line

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