Pakistan News: नवाज शरीफ की होगी घर वापसी? PAK राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के रिव्यू ऑफ जजमेंट बिल को दी मंजूरी

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

हाइलाइट्स

पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के रिव्यू ऑफ जजमेंट बिल 2023 को मंजूरी दे दी है.
इसके कानून बनने के बाद नवाज शरीफ की वतन वापसी का रास्ता साफ हो गया है.
SC ने नवाज शरीफ को साल 2017 में प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य करार दिया था.

इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan News) के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी (Arif Alvi) ने सुप्रीम कोर्ट के रिव्यू ऑफ जजमेंट बिल 2023 को अपनी मंजूरी दे दी है. इसके बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के सुप्रीमो और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) की देश वापसी का रास्ता साफ होता दिख रहा है. इससे नवाज शरीफ के प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी अयोग्ता को चुनौती देने का रास्ता खुल गया है. बता दें कि शरीफ को सुप्रीम कोर्ट ने साल 2017 में प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य करार दिया था. इसके खिलाफ वह अपील नहीं कर पाए थे क्योंकि देश में शीर्ष कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए कोई कानून नहीं था.

समा इंग्लिश के अनुसार इस नए कानून के तहत अब अनुच्छेद 184(3) के तहत आने वाले मामलों में अदालती फैसलों के खिलाफ अपील दायर की जा सकेगी. कानून अब पिछले फैसलों पर भी लागू होता है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने शुक्रवार को नए कानून को मंजूरी दी. कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि अब पीएमएल-एन सुप्रीमो नवाज शरीफ और जहांगीर तरीन भी 60 दिनों के भीतर अपनी आजीवन अयोग्यताओं के खिलाफ अपील के अधिकार का प्रयोग कर सकेंगे.

पढ़ें- ‘फासीवादी है पाकिस्तान सरकार’, इमरान खान बोले- जनरल मुशर्रफ के मार्शल लॉ से भी बदतर

कानूनी विशेषज्ञ कामरान मुर्तजा का कहना है कि कानून से सभी को समान रूप से लाभ होगा. उन्होंने कहा ‘कोई भी कानून के तहत एकमुश्त लाभ ले सकता है. भले ही वह समय बीत गया हो, एक व्यक्ति कह सकता है कि उस व्यक्ति को आज लाभ दिया गया था, कल मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ था. अन्यथा यह भेदभाव होगा और अनुच्छेद 25 का उल्लंघन होगा.’ रिपोर्ट के अनुसार, कानून आगे कहता है कि अपीलों की सुनवाई निर्णायक बेंच से बड़ी बेंच द्वारा की जाएगी. पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल मंसूर उस्मान अवान ने सुप्रीम कोर्ट को कानून की एक प्रति और अधिसूचना सौंपी है. सुप्रीम कोर्ट अब अनुच्छेद 184 (3) के तहत मामलों में अपील की सुनवाई करेगा.

पनामा पेपर्स मामले में अयोग्य घोषित हुए थे नवाज
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार साल 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर्स मामले पर एक ऐतिहासिक फैसले में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को सार्वजनिक पद संभालने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था. इस बीच पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल मंसूर उस्मान अवान ने पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश को बताया कि राष्ट्रपति ने निर्णय विधेयक की समीक्षा के लिए सहमति दी थी और अब यह एक कानून बन गया है. उन्होंने कहा कानून के अनुसार, एक समीक्षा याचिका केवल एक बड़ी पीठ द्वारा सुनी जा सकती है.

Tags: Nawaz sharif, Pakistan

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें