हाइलाइट्स
TROPICS के पहले दो सैटेलाइट इसी महीने की शुरुआत ही कक्षा में भेज दिए गए थे.
अब दो और सैटेलाइट के पहुंचने से छह घंटे की जगह हर घंटे में तूफानों पर निगरानी होगी.
ससे अमेरिका में आने वाले तूफानों के बेहतर निगरानी और अनुमान लग सकेगा.
नासा ने हाल ही में अपने TROPICS अभियान के अंतिम सैटेलाइट का जोड़ा अंतरिक्ष में सफलता पूर्वक प्रक्षेपित कर दिया है. यह चार क्यूबसैट का अभियान हर घंटे में कटिबंधीय चक्रवातों की जानकारी देने का काम करेगा. जबकि इससे पहले वह हर छह घंटे के अंतराल में हैरिकेन और टायफून आदि तूफानों की जानकारी दिया करता था. इस अभियान का अंतिम जोड़ा 25 मई को न्यूजीलैंड से प्रक्षेपित होने के बाद 26 मई को कक्षा में स्थापित हो गया और अभियान के सभी सैटेलाइट समूह पूरे हो गए.
पूर्वानुमान लगाने की क्षमता बढ़ेगी
नासा के प्रशासक बिल नेल्सन का कहना है कि अमेरिका में तूफानों के सटीक पूर्वानुमानों के महत्व को वे खुद व्यक्तिगत तौर पर भी जानते हैं. लेकिन अब नासा की नई तकनीक से तीव्र बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के पूर्वानुमान की अभूतपूर्व क्षमता मिलेगी और TROPICS जैसे अभियानों से नासा मौसम संबंधी विभागों की बेहतर तरह से मदद कर सकेगा जिससे लोगो को फायदा पहुंचेगा.
क्या है TROPICS
नासा का TROPICS अभियान यानि टाइम-रिजॉल्व्ड ऑब्जर्वेशन्स ऑफ प्रेसिपिटेशन स्ट्रक्चर एंड स्ट्रॉम इंटेन्सिटी विद ए कॉन्स्टेलेशन ऑफ स्मॉलसैट्स चार एक ही तरह के क्यूबसैट का समूह है जिसे खास तौर पर पृथ्वी की कक्षा में कटिबंधीय तूफानों के अवलोकन के लिए पृथ्वी के कटिबंधीय क्षेत्र के ठीक ऊपर स्थापित किया गया है.
छह घंटे की जगह हर एक घंटे में
इन सैटलाइट की खास बात यह होगी कि एक समय में सैटेलाइट किसी तूफान के ऊपर एक घंटे तक यात्रा करता रहेगा और उसकी लगातार जानकारी हासिल कर धरती पर भेजेगा जिसका उपयोग अमेरिका के मौसम संबंधी एजेंसियां और प्राकृतिक आपदा में बचाव में लगे लोग कर सकेंगे. फिलहाल मौसम पर इस तरह की निगार हर छह घंटों में हो रही थी.
TROPICS का एक सैटेलाइट बहुत ही ज्यादा गहराई से हर तूफान का अध्ययन कर सकेगा. (प्रतीकात्मक तस्वीर: NASA_ Blue Canyon Technologies)
बेहतर क्षमताएं की उम्मीद
मसैचुसैट्स के लैक्सिंगटन के एमआईटी की लिंकन लैबोरेटरी में इस अभियान के प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर विलियम ब्लैकवेल का कहना है कि इस अभियान से उम्मीद की जा रही है कि TROPICS नई अवलोकन क्षमताएं कटिबंधीय चक्रवाती तूफानों की समझ को बेहतर करेंगी और इससे उन पर निगरानी करते हुए उनकी तीव्रता का बेहतर अनुमान लगाने में मदद मिल सकेगी.
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कई संस्थाएं और सहयोगी
इस अभियान में नासा के अलावा अमेरिका की नेशनल ओसियानिक एंड एटमॉस्फियरिक एडमिनिस्ट्रेशन (नोआ), कई यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के साथ व्यवसायी साझेदार भी शामिल हैं. नासा के फ्लोरीडा स्थिति कैनेडी स्पेस सेंटर स्थिति लॉन्च सर्विस प्रोग्राम इस लॉन्स सर्विस का प्रबंधन देख रहा है. इससे पहले इसी महीने इस अभियान के दो छोटे सैटेलाइट पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किए गए थे.

TROPICS सैटेलाइट से कटिबंधीय तूफानों पर ज्यादा समय और बारीकी से नजर रखी जा सकेगी. (तस्वीर: @NASA)
क्या क्या होगा एक सैटेलाइट से
इस अभियान के जरिए सैटेलाइट कटिबंधीय क्षेत्रों के ऊपर रैपिड रीफ्रेश माइक्रोवेव मापन उपलब्ध कराएंगे जिसका उपयोग वायुमंडल की निचली परत क्षोभमंडल की ऊष्मगतिकी का अवलोकन के लिए किया जाएगा. इसके अलावा तूफान के पूरे जीवनचक्र के साथ उसके तंत्र के वर्षण संरचना का भी अवलोकन किया जाएगा. हर सैटेलाइट में 7 चैनल से तापमान की प्रोफाइल, तीन चैनल से वाष्प की प्रोफाइल, एक चैनल से वर्षण का मापन और एक चैनल से बादलों की बर्फ का मापन कर उच्च निष्पादन रेडियोमीटर स्कैनिंग की जाएगी.
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TROPICS यह दर्शाने का काम करेगा कि सैटेलाइट समूह के तरीके से पृथ्वी विज्ञान का अवलोकन बेहतर विभेदन क्षमता, लचीलापन, विश्वसनीयता, आदि कम लागत के साथ हासिल की जा सकती है. और यह भविष्य के अभियानों के लिए प्रतिमान की तरह काम करेगा. नासा का कहना है कि वे पृथ्वी विज्ञान के लिए अपनी क्षमताओं के साथ पूरी तरह से समर्पित है और तकनीक के मानव उपयोग के पहलू पर जोर देता रहेगा.
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Tags: Nasa, Research, Science, Space
FIRST PUBLISHED : May 28, 2023, 06:56 IST









