मानवता पर नए संकट का खतरा, स्टडी में बड़ा दावा- सूख रही हैं दुनिया की आधी से ज्यादा बड़ी झीलें

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नई दिल्ली. एक स्टडी में कहा गया है कि दुनिया की आधे से अधिक सबसे बड़ी झीलों (lakes,) और जलाशयों (reservoirs) में पानी लगातार घट रहा है और वे सूखने की कगार पर हैं. इसके कारण धरती के कई हिस्सों में इंसानों की भविष्य की जल सुरक्षा को खतरे में पड़ सकती है. झीलों और बड़े जलाशयों के सूखने का सबसे बड़ा कारण जलवायु परिवर्तन और बढ़ती पानी की खपत को माना जा रहा है. न्यूज एजेंसी एएफपी की एक खबर के मुताबिक यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर में प्रोफेसर और साइंस में छपे पेपर के सह-लेखक बालाजी राजगोपालन ने न्यूज एजेंसी को बताया कि ‘दुनिया भर में झीलें संकट में हैं, और इसके दूरगामी नतीजे हो सकते हैं.’

बालाजी राजगोपालन ने कहा कि ‘इसने वास्तव में हमारा ध्यान इसलिए आकर्षित किया क्योंकि दुनिया की लगभग 25 फीसदी आबादी झीलों के बेसिन में रह रही है, जो लगातार सूखने की ओर बढ़ रही हैं. जिसका मतलब है कि लगभग दो अरब लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं.’ राजगोपालन ने कहा कि दुनिया भर में साइंटिस्टों का ध्यान नदियों की बिगड़ती हालत पर जरूर है. मगर इंसानों की जल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होने के बावजूद झीलों की अच्छी तरह से निगरानी नहीं की जाती है. बहरहाल कैस्पियन सागर (Caspian Sea) और अरल सागर (Aral Sea) जैसी बड़ी झीलों में बड़ी पर्यावरणीय आपदाओं ने शोधकर्ताओं को इस बड़े संकट का संकेत दिया.

Tags: Clean water, Drinking Water, Drinking water crisis, Water, Water conservation, Water Crisis

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Author: Up Head Line

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