कुदरत का नायाब उपहार है दारमा वैली, अपनी जड़ों को पर्यटन से मजबूत कर रहे घाटी के लोग, जानिए पूरी खबर

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हिमांशु जोशी/पिथौरागढ़. उत्तराखंड के सुदूरवर्ती हिमालयी इलाकों की स्थिति पर्यटन से बदल रही है. यहां सिर्फ 6 महीने रहने वाले लोग अब अपने मुख्य व्यवसाय के साथ पर्यटन के कारोबार से भी जुड़ गए हैं, जो यहां के लोगों की आमदनी बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो रहा है. हम बात कर रहे हैं पिथौरागढ़ में स्थित दारमा घाटी की, जो कि सीमांत जिले का दूरस्थ हिमालयी इलाका है. यहां बर्फ से ढके पहाड़ आसानी से देखे जा सकते हैं और यहां की खूबसूरत वादियों का दीदार करने पर्यटक लगातार पहुंच रहे हैं. यहां के स्थानीय लोगों ने अपने घरों में ही पर्यटकों के लिए रहने-खाने की व्यवस्था की हुई है.

कुदरत की अनमोल देन दारमा घाटी में रहने वाले लोग विपरीत परिस्थितियों में भी पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं दे रहे हैं. हिमालयी इलाकों में रहने वाले लोग सीमा के प्रहरी भी कहलाते हैं क्योंकि यह इलाका भी चीन सीमा के बेहद करीब है. इन इलाकों में पर्यटन बढ़ने के बाद तमाम लोग पर्यटन के कारोबार से जुड़ गए हैं. यहां 3000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक आपके भोजन और ठहरने की व्यवस्था हो जाएगी.

सैलानियों को पसंद आ रहा दारमा वैली
दारमा वैली के निवासी और होम स्टे समूह के अध्यक्ष देवेंद्र फिरमाल ने जानकारी देते हुए बताया कि दारमा घाटी में अब लोग आने लग गए हैं. पर्यटकों की सारी सुविधाओं का ध्यान यहां के लोगों द्वारा रखा जा रहा है. सैलानी भी यहां के रहन-सहन, खानपान, यहां की शैली को काफी पसंद करते हैं और हमारे प्रयासों की सराहना करते हैं.

पर्यटन कारोबार से स्थिति में हो रहा सुधार
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हिमालय के नजदीक बसे इन गांवों के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती करना है. यहां खेती करने के लिए लोग आते हैं, लेकिन अब खेती के साथ पर्यटन कारोबार से इन इलाकों की स्थिति सुधरने की उम्मीद है. यह जगह पर्यटकों को खूब पसंद आ रही है. यहां पहुंचे पर्यटकों से बातचीत में उन्होंने बताया कि इतनी विपरीत परिस्थितियों में रहना और सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना काफी मुश्किल काम है. यहां के पारंपरिक घरों में रहना वाकई उनके लिए एक सुखद अनुभव है.

विपरीत परिस्थितियों में घर जैसा माहौल
पर्यटक आदित्य बिष्ट ने कहा कि इतनी ऊंचाई वाले इलाके में जिस तरह यहां के लोग एकोमोडेशन दे रहे हैं, वह कमाल की बात है. यहां आकर बिल्कुल घर जैसा माहौल मिल रहा है, जो यहां की सबसे खास बात है. वहीं यहां का खानपान भी बेहद अनूठा है, जो हमें काफी पसंद आया.

Tags: Pithoragarh news, Uttarakhand news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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