
हाइलाइट्स
व्रत के दिन महिलाएं काला, नीला और सफेद रंग का उपयोग अपने श्रृंगार या कपड़ों में न करें.
व्रत हमेशा मन, वचन और कर्म की शुद्धता के साथ करना चाहिए, तभी वह फलित होगा.
इस साल वट सावित्री व्रत 19 मई को ज्येष्ठ अमावस्या को है. इस व्रत में बरगद के पेड़ की पूजा होती है, इसलिए इसे बरगदही अमावस्या भी कहा जाता है. वट सावित्री व्रत पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए रखते हैं. यह व्रत उत्तर भारत में ज्येष्ठ अमावस्या को रखते हैं, जबकि दक्षिण भारत में वट सावित्री व्रत पूर्णिमा तिथि को रखा जाता है. इस दिन महिलाओं को पूजा और व्रत के समय में कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए. इससे आपका व्रत सफल होगा और पति दीर्घायु तथा दांपत्य जीवन सुखमय होगा. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं कि वट सावित्री व्रत के दिन क्या करें और क्या न करें.
वट सावित्री व्रत 2023 ध्यान रखने वाली महत्वपूर्ण बातें
1. वट सावित्री व्रत पति की लंबी उम्र के लिए रखते हैं तो इस दिन जीवनसाथी को वाद विवाद या झगड़ा नहीं करना चाहिए. पति और पत्नी को अच्छा व्यवहार करना चाहिए.
2. व्रत के दिन बह्मचर्य का पालन करें. सहवास से बचें. मांस, मदिरा या अन्य तामसिक वस्तुओं का सेवन पति और पत्नी दोनों को ही नहीं करना चाहिए.
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3. जो व्रत रखा है, उसे गलत कार्यों से बचना चाहिए. व्रत हमेशा मन, वचन और कर्म की शुद्धता के साथ करना चाहिए, तभी वह फलित होगा. किसी के प्रति घृणा या द्वेष न रखें.
4. वट सावित्री व्रत के दिन महिलाएं काला, नीला और सफेद रंग का उपयोग अपने श्रृंगार या कपड़ों में न करें. जैसे इन रंगों की चूड़ी, साड़ी, बिंदी आदि का उपयोग न करें.
5. यह व्रत अखंड सौभाग्य का है, इसलिए व्रती को सोलह श्रृंगार करना चाहिए. इसके लिए व्रत से पहले ही व्यवस्था कर लें.
6. व्रत वाले दिन महिलाओं को लाल, पीले और हरे रंग का उपयोग करना चाहिए. इन रंगों को शुभ माना जाता है. जैसे लाल या पीली साड़ी, हरी चूड़ी, लाल बिंदी, महावर आदि.
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7. पति की लंबी आयु और संतान प्राप्ति के लिए बरगद यानि वट वृक्ष की पूजा करें. यमराज से सावित्री को 100 पुत्रों की माता और अखंड सौभाग्य का आशीवार्द मिला था.
8. पूजा के समय वट वृक्ष में कच्चा सूत 7 बार लपेटते हैं. 7 बार पेड़ की परिक्रमा करते हुए सूत को लपेटा जाता है. इस व्रत का पारण भींगे चने खाकर करते हैं.
9. पूजा करते समय आपको वट सावित्री व्रत कथा यानि सावित्री और सत्यवान की कथा सुननी चाहिए.
10. पूजा खत्म होने के बाद माता सावित्री और वट वृक्ष से सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद लेते हैं.
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Tags: Dharma Aastha, Vat Savitri Vrat
FIRST PUBLISHED : May 17, 2023, 12:04 IST









