
सच्चिदानन्द/पटना. बिहार की राजधानी पटना के तरेत पाली में चल रहे पांच दिवसीय हनुमंत कथा का कल तीसरा दिन था. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिव्य दरबार लगाया था. दिव्य दरबार में कई लोगों की अर्जी सुनी गई, तो वहीं समय की पाबन्दी और भीड़ अधिक होने की वजह से कई लोगों को बाबा से मिलने का मौका नहीं मिल पाया. बाबा ने कहा कि सबकी सामूहिक अर्जी लगा दी गई है. इसमें कई ऐसे लोग थे जो एक ही जिले से आए थे. जिसमें किसी की अर्जी लगी तो किसी की नहीं लगी. कुछ ऐसी ही मधेपुरा से आए दो युवकों में से एक ही अर्जी लग गई, तो बाबा ने स्टेज पर बुला कर समस्या का हल बताया. जबकि दूसरे की नहीं लगी तो उसने कहा कि बाबा बागेश्वर तो मन की बात जान जाते होंगे. मेरे भी दिल की बात सुन लिए होंगे.
मधेपुरा के रहने वाले एक युवक की अर्जी दिव्य दरबार में लग गई. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री में मंच पर बुलाकर पर्ची लिखी और फिर सुनाई. पर्ची सुनाते हुए उन्होंने कहा कि मन आपका बहुत परेशान है. जॉब का टेंशन है. गलत संगत में फंस गए थे. इसीलिए विचलित हो गए हैं. इलू-इलू का चक्कर है. ज्यादा कहोगे तो जिससे लवेरिया है उसकी भी पोल खोल दूंगा. इसका मतलब यह हुआ कि प्यार-इश्क में पड़ जाने की वजह से एक जगह ध्यान नहीं लग रहा है. इसके साथ पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने उपाय बताते हुए कहा कि जो हुआ सो हुआ. बिजनेस करो उसी में सफल होने वाले हो. साथ ही प्यार मोहब्बत का चक्कर छोड़ दो. इसके बाद युवक मंच से नीचे आ गया.
तीन दिन से खाली पानी के सहारे हैं
वहीं, दूसरी तरफ मधेपुरा से आने वाले दूसरे यूवक की अर्जी नहीं लगी. उसने कहा कि अर्जी तो लगाई थी, लेकिन स्वीकार नहीं हुई. दुख और विपत्ति बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हर लें, यही अर्जी लेकर आए हैं. उसने कहा कि ट्रेन में बड़ी मुश्किल से सफर करते हुए यहां पहुंचे हैं. यहां आने के लिए ट्रेन के फर्श पर बैठकर सफर करना पड़ा. फिर भी अर्जी भी नहीं लगी. अगर अर्जी लग जाती तो मन को संतुष्टि मिलती. 3 दिन से भूखे हैं ताकि अर्जी लग जाए, लेकिन नहीं लग पाई.
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FIRST PUBLISHED : May 16, 2023, 09:15 IST









