श्रीलंकाई सेना को हुई विद्रोह की आशंका, घेर ली कोलंबो यूनिवर्सिटी, भेद खुला तो पीट लिया माथा

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कोलंबो. श्रीलंका में एक विश्वविद्यालय परिसर में संभावित विद्रोह होने को लेकर एक खुफिया रिपोर्ट आने के बाद वहां की सेना सतर्क हो गई. बाद में इसे एक झूठी चेतावनी के रूप में पाया गया और हजारों सशस्त्र सैनिकों और कमांडो को खुफिया इनपुट की इस चूक पर शर्मिंदा होना पड़ा. कोलंबो विश्वविद्यालय में असामान्य रूप से दोपहर के भोजन के आदेश पर एक गलत अलार्म के बाद यह गलती हुई, जिसके बाद विश्वविद्यालय के आसपास और श्रीलंका की राजधानी के अन्य क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा लागू कर दी गई.

दरअसल, श्रीलंका बीते दिनों एक बहुत बड़ी राजनीतिक उथल पुथल से गुजरा है, हालात वहां हालात अभी भी बहुत बेहतर नहीं है. ऐसे में एक खुफिया रिपोर्ट मिली की श्रीलंका के यूनिवर्सिटी कैंपस में एक विद्रोह के होने की आशंका है. जिसकी जानकारी मिलते ही वहां हज़ारों सैनिकों का दल और कमांडो तैनात कर दिए गए. खुफिया विभाग को जानकारी मिली की कोलंबो युनिवर्सिटी में बड़े पैमाने पर लंच मंगाया गया है, जिसके बाद एक विद्रोह की आशंका के चलते यूनिवर्सिटी और आस पास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. लेकिन बाद में मालूम चला कि यह एक गलतफहमी की वजह से हुआ और सेना को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा.

1500 लंच के पैकेट से हुआ हंगामा
इकोनॉमिक नेक्स्ट की रिपोर्ट के मुताबिक हज़ारों सैनिक और कमांडो की टुकड़ी, दंगारोधक दल यूनिवर्सिटी के पास पहुंच गए थे, क्योंकि सरकार को आशंका थी कि यहां पर पढ़ रहे ग्रेज्युएशन के छात्र विद्रोह को जन्म दे सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में बताया गया है कि खुफिया इकाई से सूचना मिली कि कैंटीन को करीब 1500 लंच पैकेट का ऑर्डर मिला है. इसकी गलत व्याख्या की गई और यह समझा गया कि सरकारी इमारत तक जाने के लिए रैली निकाली जाने वाली है, जिसके लिए लोगों का जमावड़ा लगा है.

हालांकि बाद में पाया गया कि यूनवर्सिटी के कला विभाग ने 500 नए विद्यार्थियों को कैंपस में दाखिले की खुशी मनाने के लिए आमंत्रित किया था, उन्हें उम्मीद थी की छात्रों के साथ उनके माता पिता या भाई भी आ सकते हैं, इसलिए उन्होंने ब्रेड, पोल संबोल (एक पारंपरिक श्रीलंकाई व्यंजन) और करी के 1500 पैकेट का ऑर्डर किया ताकि मेहमानों को भोजन की कमी ना पड़े.

राष्ट्रपति निवास पर भी बढ़ाई सुरक्षा
इसी बीच राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के निवास पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई, हालांकि वह अब यहां नहीं रहते हैं. गौरतलब है कि राष्ट्रपति के निवास पर पिछले साल देश में फैली हिंसा के दौरान आग लगा दी गई थी.

बाहर पुलिस अंदर म्यूजिक और डांस
रिपोर्ट में कहा गया कि पुलिस की तैनाती को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाज़ार गर्म हो गया और यह अनुमान लगाया जाने लगा कि सरकार में बदलाव हो सकता है. वहीं दूसरी तरफ यह भी कहा गया कि पुलिस इस बार खुद अपनी ही अफवाहों का शिकार हो गई है. इसलिए ज्यादा से ज्यादा पुलिस कोलंबो यूनिवर्सिटी इलाके में अपेक्षित दंगों को रोकने के लिए तैनात थी. हालांकि जब यह सब कुछ चल रहा था उसी दौरान कैंपस के अंदर छात्र अपनी मस्ती में कला सप्ताह मना रहे थे और पॉप म्यूजिक पर नाचने में मशगूल थे.

ज्यादा सतर्कता से हुई शर्मिंदगी
सरकार अपनी करनी से शर्मिंदा होने के बाद अब यह कहती फिर रही है कि यह हालात से निपटने के लिए तैयार रहने का अभ्यास था. वहीं कोलंबो यूनिवर्सिटी मामले से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अधिकारियों ने कोलंबो के बाहर मोटर चालकों की जांच शुरू कर दी है और इसे व्यापक सीमा सुरक्षा का अभ्यास बताते हुए सेना की तैनाती की बात कही है.

Tags: Colombo news, Sri lanka, World news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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