‘बड़ा भाई इंजीनियर…तुम कब तक आवारागर्दी करोगे’, सुनने पड़ते थे मां से ताने, बेटा आज टीम इंडिया की शान

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हाइलाइट्स

भारतीय क्रिकेटर ने अपने संघर्ष के दिनों को किया याद
19 साल तक चप्पल पहनकर ही क्रिकेट खेला

नई दिल्ली. टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज बीते 1 साल से तीनों ही फॉर्मेट में शानदार गेंदबाजी कर रहे हैं. वनडे में तो उन्होंने गजब की गेंदबाजी की. यही कारण है कि सिराज इस वक्त गेंदबाजों की वनडे रैंकिंग में दूसरे स्थान पर हैं. वो फिलहाल, आईपीएल 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की तरफ से खेल रहे हैं और लीग के 16वें सीजन में भी सिराज ने 12 मैच में 16 विकेट लिए हैं. उन्होंने आरसीबी के लिए सबसे अधिक विकेट लिए हैं. वो जून में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेलते नजर आएंगे. इस बीच उन्होंने एक शो पर अपने संघर्षों के दिनों को याद किया है और बताया है कि कैसे उन्हें क्रिकेट के कारण मां से ताने सुनने पड़ते थे.

मोहम्मद सिराज ने हाल ही में ब्रेक फास्ट विद चैंपियंस शो में अपने शुरुआती दिनों का किस्सा साझा किया कि कैसे क्रिकेट के कारण उन्हें मां से रोज ताने सुनने पड़ते थे. सिराज ने शो में बताया, मैं कॉलेज से बंक मारकर क्रिकेट खेलने चला जाता था. मम्मी के पास कॉलेज से फोन पहुंचता था तो वो यही कहती थी कि बड़ा भाई इंजीनियर है, तू कहां आवारागर्दी कर रहा है. मैं तभी घर पहुंचता था, जब पापा घर आ चुके होते थे. क्योंकि पापा ही मां से बचाते थे. मम्मी तो पिटाई कर देती थी. तब मां मुझसे कहती थी कि बाद में ये मत कहना कि एक बेटे को इंजीनियरिंग कराई और मुझे पढ़ाया-लिखाया नहीं.

9 विकेट लेने पर मिला था 500 रुपये इनाम: सिराज
सिराज ने आगे बताया, पापा ने मुझे बहुत बार बचाया. उन्होंने मेरे लिए बहुत किया. 2013 के बाद घरवालों को लग गया था कि मैं क्रिकेट ही खेलूंगा. इसके बाद पापा और मम्मी दोनों ने बोलना छोड़ दिया था. मैं तीन साल तो बस हैदराबाद में टेनिस बॉल से होने वाला टूर्नामेंट औऱ लीग खेलता रहा. 2016 में मुझे रणजी ट्रॉफी खेलने का मौका मिला. मामा का एक क्लब था. पहले मैच में ही 9 विकेट लिया था. उस मैच में 500 रुपये का इनाम मिला था. उसमें से 300 रुपये घर पर दे दिए थे.

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‘रोज के 70 रुपये पॉकेटमनी मिलती थी’
इस भारतीय पेसर ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए आगे बताया, “पिता रोज पॉकेटमनी के नाम पर 70 रूपए देते थे, जिसमें से 40 रूपए पुरानी बाइक में पेट्रोल के लिए लगते थे, जिसे स्टार्ट करने में ही कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी. दूसरे लोग मर्सडीज, बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी गाड़ियों में प्रैक्टिस के लिए आते थे. जबकि मैं उनके जाने का इंतजार करता था. ताकि मैं अपनी खटारा बाइक को धक्का देकर स्टार्ट कर सकूं. वे मुझे देखने के आदि नहीं थे और दूरी बनाए रखते थे.”

Tags: IPL 2023, Mohammed siraj, Team india

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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