Vat savitri Puja: कुंवारी लड़कियां भी कर सकती हैं वट सावित्री पूजा, जानें पूर्णिया के पंडित से पूजन विधि

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विक्रम कुमार झा/पूर्णिया. वट सावित्री व्रत बहुत ख़ास पर्व है. इस पर्व में सुहागिन महिलाएं पति के लिए व्रत करती हैं. इसपर विशेष जानकारी पंडित व ज्योतिषाचार्य दयानाथ मिश्र ने दी. वे कहते हैं कि वट सावित्री पूजा सुहागिन स्त्रियां ही नहीं, बल्कि कुंवारी लड़की भी कर सकती हैं. उन्होंने कहा कि शास्त्रों में ऐसा लिखा गया है यह पर्व महिलाएं अपनी सुहाग की रक्षा एवं अपने ऐश्वर्य और पुत्र प्राप्ति के लिए करती हैं. वही कुंवारी महिलाएं भविष्य में अच्छे पति की कामना के लिए करती हैं. इस व्रत को विधि-विधान से करने से अधिक लाभ होता है.

पंडित जी कहते हैं कि ब्रह्मपुराण के अनुसार राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री का विवाह शाल्व देश के राजा द्युमत्सेन के पुत्र सत्यवान से हुआ था. कुछ दिन बाद सत्यवान की मृत्यु हो गई. तब सावित्री ने मौत के देवता यमराज से लड़कर और उन्हें प्रसन्न कर अपने पति को स्वस्थ शरीर के साथ वापस ले आई. उस दिन से वट सावित्री पूजा की प्रथा शुरू हो गई. तब से ही महिलाएं अपनी पति की दीर्घायु के लिए इस व्रत को करने लगीं.

दयानाथ मिश्र के मुताबिक, हालांकि यह शास्त्रों में लिखा है कि यह पर्व महिलाएं, सुहागन स्त्री, कुमारी स्त्री और लड़कियां भी कर सकती हैं. कोई भी महिलाएं कर सकती हैं. सुहागन स्त्री अपने पति की दीर्घायु के लिए यह व्रत करती हैं. कुंवारी लड़कियां भविष्य में अच्छे पति की प्राप्ति के लिए करती हैं. इस पूजा के करने से सुख शांति और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है.

पंडित जी कहते हैं कि इस पर्व को कोई भी महिला कर सकती है. इस पर्व को करने से पहले इन नियमों का पालन जरूर करें. इस व्रत को करने से एक दिन पहले व्रती स्नान ध्यान करके व्रत को प्रारंभ करती हैं और अमावस्या के दिन यह व्रत करती है. वट वृक्ष के नीचे जाकर व्रती सावित्री और सत्यवान का पूजा-आराधना करती है. दूसरे दिन जाकर इस व्रत की समाप्ति करती हैं.

पंडित जी कहते हैं कि इस बार वट सावित्री पूजा 19 मई को है. इस दिन व्रती महिलाएं बांस का चंगेरा और 7 किस्म के ऋतु फल, कच्चा धागा और बांस के पंखे से पूजा करती हैं. वे कम से कम 7 बार वटवृक्ष की प्रदक्षिणा करती हैं और वट वृक्ष पर धागा बांधकर और वटवृक्ष से गले मिलकर आशीर्वाद प्राप्त करती हैं.

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FIRST PUBLISHED : May 15, 2023, 09:00 IST

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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