
रिपोर्ट: रवि पायक
भीलवाड़ा. राजस्थान प्रदेश अपने खास चटपटे और तीखे व्यंजनों को लेकर देश ही नहीं पूरे दुनिया मे मशहूर हैं. स्वाद के शौकीनों के लिए हम आपको एक ऐसी कचौड़ी के बारे में बताने जा रहे हैं जो राजस्थान के मात्र भीलवाड़ा जिले में मिलती है. जी हां हम बात कर रहे हैं एशिया के मिनी मैनचेस्टर कहे जाने वाले भीलवाड़ा शहर में बनने वाली पप्पू की कचौड़ी की. सन 1990 से शुरुआत हुई पप्पू की कचौड़ी की खासियत यह है कि ये स्वाद में तो काफी तीखी और वजन में दमदार होती है जिसके चलते भीलवाड़ा शहर के रहने वाले स्वाद के दीवानों के लिए सुबह की पहली पसंद ये कचौड़ी बन गई है.
वैसे तो कचौड़ी बनाने वाले पप्पू भाई कभी विदेश नहीं गए मगर उनके हाथों की बनी हुई कचौड़ियों का स्वाद ऑस्ट्रेलिया, पेरिस के साथ ही मुंबई सहित देश के अलग-अलग कोनों तक पहुंच गई है. इस कचौड़ी की खासियत यह भी है कि पप्पू भाई के हाथों से बनी यह कचौड़ी 10 दिन तक खराब नहीं होती है. इसका स्वाद ऐसा है कि ग्राहकों की आंखों से आंसू आ जाए मगर फिर भी बड़े चाव से खाते इस कचौड़ी को.
1990 में की कचौड़ी बनाने की शुरुआत
भीलवाड़ा शहर के जवाहर नगर में दुकान लगाने वाले पप्पू भाई ने कहा, ‘मैंने कचौड़ी बनाने की शुरुआत सन 1990 से की थी. शुरुआती दौर में जब भी बारिश का मौसम आता था तब मैं कचौड़ी का ठेला लगा लेता था. 8 लोगों को कचौड़ी का स्वाद इतना पसंद आया कि अब मैं 12 महीने चाहे गर्मी हो या सर्दी कचौड़ी बनाता हूं. शुरुआती दौर में कचौड़ी की कीमत 50 पैसे थी और धीरे-धीरे बदलते दौर के साथ कीमत में बदलाव आया मगर एक चीज में बदलाव नहीं आया और वह मेरी कचौड़ी के स्वाद का’.
वजन में अन्य कचौड़ी से भारी
उन्होंने कहा, ‘ हमारे यहां पर मिलने वाली कचौड़ी की खासियत यह है कि यs स्वाद में तीखी होती है जो भीलवाड़ा ही नहीं पूरे राजस्थान में कहीं नहीं मिलती है. इसके साथ ही कचौड़ी का वजन भी साधारण कचौड़ी के मुकाबले कुछ मात्रा में ज्यादा होता है. क्योंकि इसमें मसाला ज्यादा भरा जाता है. यही नहीं इस कचौड़ी की एक खासियत यह भी है कि यह कचौड़ी लगभग 10 दिन तक खराब नहीं होती हैं. हमारे यहां से ग्राहक आस्ट्रेलिया, पेरिस और मुंबई तक कचौड़ी लेकर ले जाते हैं. इसके साथ ही दूर दराज से आने वाले ग्राहक कचौड़ी का मसाला ठंडा करके ले जाते हैं. हम 12 बजे तक ही कचौड़ी बनाते हैं. जितने में ग्राहक 12 सौ से 1500 कचौड़ी खा लेते हैं.’
क्या कहते हैं ग्राहक
ग्राहक मुरली ने कहा कि आम तौर पर लोगों का स्वाद कुछ दिनों में बदल जाता हैं मगर मैं पप्पू की कचौड़ी करीब 20 सालों से खाते हुए आ रहा हूं. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह हैं कि यदि किसी को जुखाम हैं और इसकी 2 कचौड़ी खा ले तो जुखाम खत्म हो जाता हैं. यही नही सर्दी के मौसम में भी यह कचौड़ी गर्मी देती है. वही एक ओर ग्राहक योगेश शर्मा कहते हैं कि इसका स्वाद लाजवाब है. मैं रोज यहां आता हूं और अपने घर वालो के लिए कचौड़ी पैक करवा कर ले जाता हूं.
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FIRST PUBLISHED : May 11, 2023, 15:35 IST









