कर्नाटक में मोदी मैजिक लगाएगा BJP की नैया पार या कांग्रेस होगी सत्ता पर सवार? वोटर आज करेंगे फैसला

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बेंगलुरु. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Election 2023) के लिए आज सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू होगी. यहां सत्ताधारी बीजेपी और मुख्य विपक्षी कांग्रेस राज्य में अपनी-अपनी लहर का दावा कर रही हैं. यहां 13 मई को वोटों की गिनती होगी, जिसके बाद ही साफ हो पाएगा कि कर्नाटक में मोदी मैजिक के सहारे बीजेपी सत्ता में बरकरार रहती है या फिर कांग्रेस उनका तख्तापलट करेगी या फिर अब तक नेपथ्य में चल रहा जेडीएस इन दोनों दलों की उम्मीदों पर पानी फेर सकेगा.

राज्य में करीब डेढ़ महीने से ज्यादा लंबा चला प्रचार अभियान सोमवार शाम को समाप्त हुआ. इस दौरान कांग्रेस और बीजेपी के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी देख गया और कई बार शब्दों की मर्यादा भी गिरती दिखी.  ऐसे में चुनाव आयोग को सभी दलों और उनके उम्मीदवारों को बयानों में सावधानी और संयम बरतने तथा चुनावी माहौल को खराब न करने की एडवायजरी जारी करनी पड़ी.

पीएम मोदी ने की वोटरों से अपील, बिफरी कांग्रेस
कर्नाटक में मतदान से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर कर्नाटक के लोगों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया और राज्य को देश में नंबर-1 बनाने के मिशन में उनका आशीर्वाद मांगा. हालांकि, कांग्रेस ने पीएम मोदी की इस अपील पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग का दरवाज़ा खटखटाया और प्रधानमंत्री पर ‘आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन’ करने का आरोप लगाया.

कर्नाटक के प्रभारी कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजी एक लंबी शिकायत में आयोग से पूछा कि क्या वह ‘मूक और असहाय दर्शक’ बना रहेगा या अपने संवैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्रधानमंत्री के खिलाफ कदम उठाएगा.

कर्नाटक में किनके बीच मुकाबला?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता की लहर पर सवार होकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राज्य में सत्ता बरकरार रखने की उम्मीद कर रही है. वहीं कांग्रेस सत्ता विरोधी लहर और अपने चुनावी वादों के सहारे जनादेश हासिल करने की आश लगाए है. वहीं राज्य की तीसरी बड़ी पार्टी जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) को पिछले चुनाव की तरह किंगमेकर बनने की उम्मीद है.

इन तीनों दलों के अलावा पंजाब और दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (आप) ने भी कर्नाटक चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारे हैं.

बीजेपी के प्रचार अभियान की कमान जहां पीएम मोदी के अलावा अमित शाह, जेपी नड्डा और बीएस येडियुरप्पा के हाथ में थी. वहीं कांग्रेस के लिए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया ने जमकर प्रचार किया.

उधर जेडीएस ने एक लोकल लेवल पर प्रचार अभियान चलाया, जिसका सारा दारोमदार पार्टी प्रमुख एचडी कुमारस्वामी पर दिखा. वहीं पार्टी संरक्षक एचडी देवेगौड़ा अपनी बढ़ी उम्र और इससे जुड़ी बीमारियों के चलते चुनाव अभियान में काफी देर से जुड़े.

उम्मीदवार और योग्य मतदाता
कर्नाटक चुनाव में कुल 2,615 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनकी किस्मत पर 58,545 मतदान केंद्रों पर कुल 5.31 करोड़ मतदाता मुहर लगाएंगे. कुल वोटर्स में 2.67 करोड़ पुरुष, 2.64 करोड़ महिलाएं और 4,927 अन्य हैं, जबकि उम्मीदवारों में 2430 पुरुष, 184 महिलाएं और एक थर्ड जेंडर से हैं.

स्टार उम्मीदवार
राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (शिगांव), विपक्ष के नेता सिद्धारमैया (वरुणा), जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी (चन्नापटना) और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डी के शिवकुमार (कनकपुरा) शीर्ष उम्मीदवारों में शामिल हैं.

बोम्मई, सिद्धारमैया और कुमारस्वामी के अलावा एक अन्य पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार हुबली-धारवाड़ सेंट्रल सीट से चुनाव मैदान में हैं. शेट्टार हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे.

क्या बीजेपी तोड़ पाएगी 38 साल का रिवाज?
कर्नाटक ने 1985 के बाद से सत्ताधारी पार्टी को कभी वोट नहीं दिया. हालांकि सत्तारूढ़ बीजेपी इस 38 साल पुराने रिवाज को तोड़ने का दावा कर रही है. वहीं कांग्रेस ने इस चुनाव से बड़ी उम्मीदें जोड़ रखी हैं. कर्नाटक में जीत मिलने पर उसका मनोबल तो बढ़ेगा ही, इसके साथ ही 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष का मुख्य चेहरा बनने की उसकी कवायद को भी बल मिलेगा.

Tags: Assembly election, Congress, Karnataka Assembly Election 2023, Karnataka BJP

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Author: Up Head Line

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