कौशांबी,
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ, जनपद कौशांबी के आह्वान पर जिला मुख्यालय स्थित डायट मैदान में एनएचएम संविदा कर्मचारियों का तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन आज शुरू हुआ। धरने में जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों एवं अस्पतालों से बड़ी संख्या में एनएचएम संविदा कर्मचारी शामिल हुए।
कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन, मानदेय में वृद्धि, सेवा सुरक्षा, स्थानांतरण नीति, महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश सहित विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की। कर्मचारियों ने कहा कि एनएचएम कर्मी लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण सेवाओं में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनकी सेवा एवं भविष्य से जुड़ी समस्याओं का अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने एकजुट होकर “संविदा नहीं—स्थायीकरण हमारा अधिकार” सहित विभिन्न नारों के साथ अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
व्यापार मंडल ने दिया समर्थन
धरने के दौरान व्यापार मंडल कौशांबी की टीम भी धरना स्थल पर पहुंची और एनएचएम संविदा कर्मचारियों के आंदोलन को अपना समर्थन दिया। व्यापार मंडल की ओर से मंच पर समर्थन पत्र सौंपा गया तथा 08 से 10 अक्टूबर तक चलने वाले तीन दिवसीय धरने की आवश्यक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी अपने कंधों पर लेने की घोषणा की गई।
इस अवसर पर व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रमेश अग्रहरी, प्रवेश केशरवानी, अंशुल केशरवानी, पवन, विपिन गोलू एवं हर्ष केशरवानी मौजूद रहे। व्यापार मंडल के इस समर्थन से एनएचएम कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिला। कर्मचारियों ने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
धरने में मंडल अध्यक्ष अवनीश मिश्रा, जिलाध्यक्ष डॉ. अरुण केसरवानी, जिला महामंत्री जितेंद्र सिंह परमार, सोनल बाला, रोहिणी त्रिपाठी, संगठन मंत्री रीना, नरेंद्र द्विवेदी, मीडिया प्रभारी प्रदीप सिंह ‘डब्बू’ तथा आउटसोर्सिंग टीम से विनय कुमार सहित संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में एनएचएम संविदा कर्मचारी उपस्थित रहे।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि 08 से 10 अक्टूबर तक जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके बाद भी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में 12 अक्टूबर से लखनऊ में व्यापक एवं अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।
संघ ने प्रदेश सरकार से अपील की कि एनएचएम संविदा कर्मचारियों की जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें सम्मानजनक एवं सुरक्षित भविष्य प्रदान किया जाए, ताकि कर्मचारी पूरी निष्ठा के साथ प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में अपना योगदान जारी रख सकें।








