कौशाम्बी में कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर सियासी संग्राम, पुष्पेंद्र सरोज ने BJP पर साधा निशाना
कौशाम्बी। मंझनपुर विधानसभा क्षेत्र के लोधन का पूरा गांव में बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में सियासी माहौल गरमा गया। कार्यक्रम में कौशाम्बी सांसद पुष्पेंद्र सरोज और मंझनपुर विधायक इंद्रजीत सरोज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा और SIR, कथित वोट चोरी तथा 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी बात रखी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर वोट चोरी नहीं हुई है, तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने की जरूरत क्यों पड़ रही है? सांसद ने दावा किया कि यदि वोट चोरी का मुद्दा नहीं होता, तो इतना बड़ा आंदोलन खड़ा नहीं होता।
केशव मौर्य के बयान पर पलटवार
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के वर्ष 2047 तक समाजवादी पार्टी की सरकार नहीं बनने वाले बयान पर भी पुष्पेंद्र सरोज ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “2022 में भी वो नहीं आए थे, अब आजीवन नहीं आएंगे।” उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
मुकदमे को बताया मेडल
मंझनपुर मुख्यालय में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान दर्ज मुकदमे पर भी सांसद ने प्रतिक्रिया दी। प्रदर्शन के मामले में नौ नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “यह एफआईआर नहीं, मेडल है और हमारे लोग इसे लेने के लिए खुद उतावले हैं।”
2027 के चुनाव को लेकर भरी हुंकार
सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने दावा किया कि जब तक समाजवादी पार्टी की सरकार नहीं आएगी, तब तक देश में परिवर्तन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जनता 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए तैयार है और इस बार भाजपा को उखाड़ फेंकेगी।
कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धांजलि के साथ-साथ SIR, वोट चोरी के आरोप, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे और आगामी विधानसभा चुनाव की चर्चा प्रमुख रही। कार्यक्रम के मंच से समाजवादी पार्टी ने 2027 के चुनाव को लेकर अपना राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की।








