हुसैन डे पर मुस्तफाबाद में सजी महफिल
सरायअकिल के मुस्तफाबाद सादात स्थित इमामबारगाह हुसैनिया में रविवार रात हुसैन डे का आयोजन किया गया। हुसैन डे पर प्रदेश स्तरीय तरही महफिल में मुकामी तथा गैर मुकामी शायरों ने अपने कलाम पेश किया।
हुसैन डे पर मिसरहाए तरह उस्ताद शायर अनवार अब्बास ने दिया “ऐ बशर खुद्दार है तो हलकए सरवर में आ। वहीं हजरत खुमार बाराबंकवी ने मिसरा दिया “हैदर के लाल तेरी शुजाअत की धूम है” पर बाहर से आए शायर अनवार अब्बास इलाहाबादी, प्रोफेसर एजाज जैदी लखनवी, मौलाना रजी बिसवानी, जफर आजमी, तनवीर जौनपुरी, बादशाह राही, मुनव्वर जलालपुरी, वारिस जलालपुरी, कामरान गाजीपुरी, जमीर भोपतपुरी, डा.कमर आब्दी, आबिद सोनवी, रौनक सफीपुरी, आमिर रिजवी सोनवी, रुस्तम साबरी, जफर अंडरहवी, हैदर कोरालवी, शहीर रालवी, मेंहदी मंझनपुरी, जाकिर रिजवी, कुमैल जाफर, हसन अब्बास अतरसुईया, ईशान कोरालवी, दानियाल इलाहाबादी, जफर दरियाबादी, हसनैन मुस्तफाबादी, महताब हुसैन, हैदर मेंहदी, साजिद नकवी, बूतराब, फैजयाब, साहिल मुसतफाबादी, जहांदार हुसैन, महताब हुसैन, शारिब, हैदर अब्बास, आरिज और नाजिम समेत दर्जनों शायरों ने इन दो मिस्ररों पर एक से बढ़कर एक शेर प्रस्तुत किया। मौलाना ने इमाम हुसैन की शख्सियत पर रोशनी डालते हुए कहा की इमाम हुसैन ने पूरी इंसानियत को यह पैगाम दिया कि चाहे कितना भी कठिन वक्त क्यों ना आ जाए परंतु अपने मकसद से कभी भी नहीं हटना चाहिए एवं इंसानियत के लिए सदैव कार्य करना चाहिए। महफिल का आयोजन अजादार हुसैन की तरफ से किया गया था। आयोजक की तरफ से इंस्पेक्टर सराय अकिल विनीत सिंह को शॉल और मोमेंटम देकर सम्मानित किया।
REPORT: SHABBAR ALI
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