कौशाम्बी
उत्तर प्रदेश के कौशांबी लोकसभा सुरक्षित सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी पुष्पेंद्र सरोज ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बीजेपी के दो बार के सांसद विनोद सोनकर को 1 लाख 3 हजार 944 मतों से पराजित कर विजयी बने। पुष्पेंद्र सरोज को कुल 509787 वोट मिले है। वहीं बीजेपी के विनोद सोनकर को 405843 वोट मिले है। जबकि बीएसपी के शुभ नारायण गौतम को 55858 वोट और अपनादल कमेरवादी के नरेंद्र कुमार को 5131 वोट मिले। पुष्पेंद्र सरोज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व कैबिनेट मंत्री इंद्रजीत सरोज के बेटे है। इंद्रजीत सरोज मंझनपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार के विधायक है। पुष्पेंद्र सरोज देश के सबसे कम उम्र के सांसद बने। पुष्पेंद्र सरोज ने 1 मार्च को अपनी 25 साल की आयु पूरी की है। उन्होंने राजनीति में कदम रख कर अपने पिता की विरासत संभाली है। पुष्पेंद्र सरोज ने लंदन की क्वीन मैरी युनिवर्सिटी से एकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट में ग्रेजुएशन किया है। कम उम्र की वजह से बच्चे जैसे नज़र आने वाले पुष्पेंद्र युवाओं की बेरोज़गारी और महंगाई के साथ ही पेपर लीक जैसे मुद्दों को फोकस करते हुए अपना चुनाव प्रचार किया था। ज़्यादातर लोग पुष्पेंद्र को उनके पिता के नाम सेही जानते हैं। पुष्पेंद्र सरोज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कौशांबी की जनता को धन्यवाद किया और कहा कि ये जीत मेरी नही बल्कि कौशांबी की महान जनता की जीत है। कौशांबी के इतिहास में सबसे ज्यादा मतों से जीत के साथ सबसे कम उम्र के सांसद कौशांबी की जनता ने बनाने का काम किया है।

कुंडा के रघुराज प्रताप सिंह का जलवा कायम
लोकसभा चुनाव से पहले रघुराज प्रताप सिंह ने अपने आवास पर बैठक की थी बैठक में उन्होंने निर्णय लिया था कि वह किसी पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे जनता जिसको चाहे जीताए है या हराए इसके बाद जनसत्ता दल के तमाम कार्यकर्ता समर्थक समाजवादी पार्टी के साथ जी जान से लग गए थे वह चाहे प्रतापगढ़ की सीट हो या कौशांबी लोकसभा सीट हो उसके अलावा फतेहपुर प्रयागराज सहित कई लोकसभा सीटों पर रघुराज प्रताप सिंह का जलवा जनसत्ता दल के कार्यकर्ताओ ने कायम रखा। रघुराज प्रताप सिंह अगर समाजवादी पार्टी के साथ मंच साझा करते तो और भी कई सीटों पर फर्क नजर आता रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के वजह से प्रतापगढ़ फतेहपुर कौशांबी लोकसभा पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी की जीत हुई है इसका सारा श्रेय रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को जाता है।








