चुनाव दर चुनाव घटा है सांसद विनोद सोनकर की जीत का ग्राफ
वर्ष 2014 की अपेक्षा 2019 के चुनाव में कम मिले थे चार हजार 178 मत
अबकी बार सामने होगी घटे मत को बढ़ाने की चुनौती
हिमांशु भट्ट : कौशांबी।
गुजरे दो लोकसभा चुनावों का परिणाम देखें तो सांसद विनोद सोनकर विजई भले हुए हैं लेकिन, उनके वोट बैंक में मोदी लहर के बावजूद सेंधमारी हुई है। वर्ष 2014 की अपेक्षा 2019 के चुनाव में उन्हें 4,178 मत कम मिले थे। इस चुनाव में राजनीति के जानकर इसे चिंता का विषय बता रहे हैं। वहीं, भाजपा प्रत्याशी के लिए चुनाव दर चुनाव घटते मत प्रतिशत को बढ़ाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से ही विनोद सोनकर ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसी साल वह भाजपा के टिकट पर कौशांबी संसदीय सीट से चुनाव लड़े। विनोद सोनकर को 33,1724 मत मिले थे और वह विजेता भी घोषित किए गए थे। हालांकि, जीत के पीछे मोदी मैजिक को अहम माना गया था। दूसरी बार वर्ष 2019 के चुनाव में भी भाजपा ने विनोद सोनकर पर ही दांव लगाया। इस मर्तबा उनको 3, 83009 मत हासिल हुए। 2014 में मिले मतों से तुलना करें तो 2019 में विनोद को जी
त भले मिली, लेकिन चार हजार 178 वोट कम मिला। सियासत के जानकारों का कहना है कि मोदी लहर अब बीते दोनों चुनावों की तरह कौशांबी में ज्यादा तेज नहीं है। अबकी मुकाबला भी सपा के राष्ट्रीय महासचिव और मंझनपुर विधायक इंद्रजीत सरोज के बेटे पुष्पेंद्र सरोज व जनसत्ता दल के शैलेंद्र कुमार (पूर्व सांसद) से हो सकता है। ऐसे में पिछले चुनावों में मिला वोट संभालने के साथ मत प्रतिशत बढ़ाना भी भाजपा के लिए जरूरी होगा। अन्यथा परिणाम घातक हो सकता है।






