कौशांबी में तैनात दरोगा की उम्र 55 दिल बचपन… या सही है साहब का शक ?
55 साल के दरोगा ने किया कुछ ऐसा कि अफसर को लगा ब्लू फिल्म देख रहा होगा
अफसर बाबू ने प्रतिसार निरीक्षक को पत्र लिखकर मांगा स्पष्टीकरण
पत्र में लिखा… एकटक मोबाइल देखने और बॉडी लैंग्वेज से प्रतीत हुआ कि गंदी पिक्चर देख रहा होगा
कौशांबी
तकरीबन 55 साल की उम्र…। पुलिस जैसे अनुशासित विभाग में दरोगा के पद पर तैनाती और हरकत ऐसी करने का शक कि जानकर दंग रह जाएंगे आप। इस गंदी हरकत का शक किसी और को नहीं बल्कि, उन्हीं के विभागीय अफसर को हुआ है। इसके बाद अफसर बाबू का पारा गरम हो गया है। वह एक्शन मोड पर आ गए हैं। हालांकि, दरोगा पर किया गया शक सही है अथवा गलत ? यह अभी जांच का विषय है।
अब आइए आते हैं मुद्दे पर। दरअसल, हुआ यह कि कौशांबी पुलिस के एक आला अफसर दो मार्च 2024 को पुलिस लाइन में मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। सुबह 7:57 बजे उन्होंने देखा कि वहां गेट नंबर दो के पास पक्की सड़क किनारे बैठकर ट्रैक शूट पहना हुआ एक व्यक्ति मोबाइल देख रहा है। अफसर के मुताबिक आठ राउंड तक वॉक के दौरान उन्होंने देखा कि वह व्यक्ति उसी हालत में बैठा हुआ है। मॉर्निंग वॉक कि नौवीं राउंड लगाई तो संबंधित व्यक्ति गेट के पास ही लघुशंका कर रहा था। मजेदार बात यह रही कि विभागीय हाकिम उसके पास नहीं गए। चलते चलते ही उसे यह कहते हुए बुलाया कि तुम कौन हो आओ बात किया जाए। अफसर की मानें तो कई बार बुलाने पर भी वो पास नहीं आया। जूता का फीता बांधने का बहाना अलग से करने लगा।
प्रतिसार निरीक्षक को भेजे गए पत्र में साहब ने साफ लिखा है कि उस व्यक्ति के इस तरह एकांत में बैठकर एकटक मोबाइल देखने तथा बॉडी लैंग्वेज से प्रतीत हो रहा था कि संभवत: वह पॉर्न वीडियो देख रहा हो।
इसी आशंका के बाद अफसर ने गेट पर तैनात संतरी व अपने हमराही से जानकारी करवाई तो पता चला कि संबंधित व्यक्ति कोई और नहीं उन्हीं के जिले में तैनात 88 बैच का दरोगा है। इन दिनों उसकी तैनाती पुलिस लाइन में है। वो दिसंबर 2023 में प्रतापगढ़ से ट्रांसफर होकर कौशांबी आया है। 29 फरवरी को अयोध्या से ड्यूटी करके लौटा है।
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और कड़ी करवा दी परेड ग्राउंड की सुरक्षा
दरोगा पर गंदी बात का शक होने के बाद अफसर ने प्रतिसार निरीक्षक को पत्र भेजा। जिसमें लिखा कि इस प्रकार किसी का लाइन के ग्राउंड में अनुचित रूप से बैठना, बाथरूम होते हुए खुले में शौच करना या गुटखा थूकना उचित नहीं है। इसलिए परेड ग्राउंड की सुरक्षा कड़ी कर दी जाए। साथ ही दरोगा से स्पष्टीकरण भी लिया जाए।
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कुछ अहम सवाल, जो विभाग भी कर रहा है
० क्या दरोगा तक साहब को पहचानते नहीं हैं ?
० यदि दरोगा पहचानता था तो उसकी इतनी हिम्मत कैसे पड़ी कि वह मोबाइल देखता रहा और बुलाने पर भी अफसर के पास नहीं गया ?
० दरोगा ने अफसर का अनादर करने जैसी अनुशासनहीनता की तो ठोस एक्शन क्यों नहीं लिया गया ?
० अफसर को इसी बात का शक क्यों हुआ कि दरोगा अश्लील फिल्म ही देख रहा होगा, 55 साल के करीब आयु है तो वह कुमार विश्वास की रामकथा में भी लीन हो सकता है ?
० क्या अभी तक पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में इतनी सुरक्षा भी नहीं थी कि लोग अनावश्यक रूप से बैठते थे। खुले में बाथरूम करने के साथ पान गुटखा भी थूकते थे। यदि व्यवस्था दुरुस्त थी तो फिर अफसर को दरोगा पर शक के बाद सख्ती करने का आदेश क्यों देना पड़ा ?
० एकटक मोबाइल देखना तो समझ में आता है। ऐसी कौन सी बॉडी लैंग्वेज थी जिसे देख साहब को पॉर्न वीडियो देखने का शक हुआ ?
० रिटायरमेंट को करीब चार साल हों, 55 की उम्र हो और इस अवस्था में खुले मैदान में बैठकर क्या कोई अश्लील वीडियो देखेगा?
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नोट: पुलिस विभाग के साथ दरोगा की व्यक्तिगत गरिमा का ख्याल करते हुए www.upheadline.in उनका पीएनओ नंबर अथवा नाम नहीं प्रसारित कर सकता।






