कसेंदा मस्जिद में तरावीह कुरआन मुकम्मल होने पर हुई तकरीर

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कसेंदा मस्जिद में तरावीह कुरआन मुकम्मल होने पर हुई तकरीर

रिपोर्ट: शब्बर अली 

तहसील चायल के कसेंदा गांव स्थित मस्जिद में 27वें रमजान पर तरावीह में कुरान मुकम्मल हुआ। इस मौके पर मस्जिद में एक महफिल का आयोजन हुआ। इसमें नात पाक व सलाम पढ़ कर हाफिज ने रमजान और कुरान की बरकत, तरावीह, रोजे में अल्लाह व उनके रसूल के हुक्म पर तकरीर की और दुआ कराई।

27वें रमजान को तरावीह में कुरान मुकम्मल होने पर हुई महफिल में तकरीर करते हुए हाफिज मोहम्मद खालिद ने फरमाया कि वह लोग खुशनसीब हैं जिनको तरावीह में अल्लाह का कलाम सुनने के लिए मिला। यह सदका हमारे नबी का है जिसकी वजह से अल्लाह का कलाम हमको नसीब होता है। अल्लाह ने फरमाया है कि हमने ही इसको नाजिल किया है हम ही इसकी हिफाजत करेंगे। उन्होंने कहा कि तरावीह अभी खत्म नहीं हुई है। तरावीह में कलाम पाक सुनना अलग सुन्नत है और पूरे माह तरावीह सुनना अलग सुन्नत है। उन्होंने कहा कि हर मुसलमान को रोजा रखना चाहिए और अल्लाह की इबादत करनी चाहिए। ज्यादा से ज्यादा वक्त अल्लाह की इबादत में गुजारे। झूठ, फरेब, चुगलखोरी और दूसरी तमाम बुराइयों से परहेज करें। बताया कि हदीस में है कि जो शख्स रोजे की हालत में झूठ बोलने और गलत काम करने से परहेज न करे। परवरदिगार को उसके भूखा प्यासा रहने की कोई जरूरत नहीं। फरमाया कि इन सभी बातों पर अमल न करने वाले बहुत से रोजेदार ऐेसे होंगे जिनको भूख-प्यास के सिवा कुछ हासिल नहीं होगा। इसके साथ ही बे-फायदा और गैर जरूरी बातों और कामों से भी परहेज किया जाए। इसलिए कि ये बातें और काम इंसान को मकसद से हटा देते है। तकरीर के बाद मुल्क की सलामती और मगफिरत की दुआ कराई गई। इस मौके पर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष तलत अजीम, सैफ अजीम, इम्तियाज अहमद, अजहर लईक, साजिद अहमद और मजहर लईक आदि रोजेदार मौजूद रहे।

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Author: Up Head Line

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